ई-खरीद पोर्टल शुरू होने के बाद किसानों को राहत मिली है। पिछले चार दिन से पोर्टल बंद होने के कारण नई अनाजमंडी में मूंग की सरकारी खरीद नहीं हो पा रही थी। किसान अपनी फसल को प्राइवेट एजेंसी को बेचने के लिए मजबूर थे। इस कारण उन्हें काफी नुकसान हो रहा था। मगर शनिवार से पोर्टल शुरू होने के साथ ही मूंग की सरकारी खरीद भी शुरू कर दी गई। इस दौरान शनिवार को 950 क्विंटल मूंग की सरकारी खरीद की गई। हालांकि अभी मंडी में 25 से 30 क्विंटल मूंग खराब गुणवत्ता वाला रखा हुआ है, जिसका दाना टूटा हुआ है। जोकि मापदंड पर खरा नहीं उतर पा रहा है।
परचेजर कृष्ण कुमार का कहना है कि चार दिन से ई-खरीद पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं था। इस कारण गेट पास नहीं कट रहे थे। मगर शनिवार से पोर्टल शुरू होने के बाद हैफेड की ओर से मूंग की सरकारी खरीद कर ली गई। रविवार को छुट्टी होने के कारण अब सोमवार को मूंग की सरकारी खरीद होगी। मूंग की खरीद का सरकारी रेट 8558 रुपये प्रति क्विंटल था।
ये हैं मूंग की खरीद के लिए मापदंड
- नमी की मात्रा 12 प्रतिशत से कम होनी चाहिए
- हल्का खराब दाना 4 प्रतिशत तक होना चाहिए
- छोटा और निम्न श्रेणी का दाना 3 प्रतिशत तक होना चाहिए
- खोखला दाना 4 प्रतिशत तक होना चाहिए
प्राइवेट रेट में बिक रहा 7000 से लेकर 8200 रुपये मूंग
पिछले चार दिनों से पोर्टल शुरू न होने से किसान अपना मूंग सस्ते दाम पर बेचने को मजबूर थे। किसानों का एमएसपी नहीं मिल रहा था। प्राइवेट एजेंसी की ओर से 7000 रुपये से लेकर 8200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मूंग खरीदा गया। जबकि सरकारी रेट 8558 रुपये प्रति क्विंटल है। शनिवार को मंडी में मूंग बेचने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान 69 किसानों ने सरकारी रेट पर मूंग बेचा।