हिसार। करीब पौने तीन साल पूर्व हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में जींद के तत्कालीन डीएसपी के गनमैन द्वारा कथित रूप से पत्नी की हत्या के मामले की सोमवार को अदालत में सुनवाई हुई। जांच अधिकारी सहायक पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत में जींद के दो पुलिसकर्मियों से पूछताछ के बाद अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल जांच से गायब है और अब भी नहीं मिली है। इस पर अदालत ने उनको जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी 2023 को होगी।
अदालत में प्रस्तुत की स्टेटस रिपोर्ट में जांच अधिकारी एएसपी पूजा वशिष्ठ ने बताया कि 13 दिसंबर को जींद पुलिस लाइन के प्रभारी ईएसआई सतीश कुमार से पूछताछ की और हथियारों से संबंधित रजिस्ट्रर की फोटो प्रति ली। इसके अलावा 15 दिसंबर को विक्रम के साथ गनमैन कुलदीप के साथ पूछताछ की। अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एमएम रॉय ने प्रस्तुत की गई स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर बताया कि आरोपी विक्रम का 29 मार्च 2022 व 2 अप्रैल 2022 को ब्रैन मेपिंग, नार्को व पालीग्राफी टेस्ट करवाया गया, जिसके अनुसार वारदात के दिन 16 अप्रैल 2020 की सुबह विक्रम व उसकी पत्नी रिंकू के बीच झगड़ा हुआ था।
विवाद के दौरान विक्रम ने अपनी पत्नी रिंकू को दो गोली मारी और सोटा से भी हमला किया। रिंकू को किस हथियार से गोली मारी गई और वह कहां है इसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए जींद के ढिघाना गांव निवासी वजीर, जो घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर आया था। गत 25 व 26 फरवरी 2021 को पूछताछ की, लेकिन सच्चाई का पता नहीं चल पाया। इसके अलावा शिकायतकर्ता विकास से गत 23 नवंबर को पूछताछ की।
आरोप है कि पुलिस ने मामले की जांच में पिस्तौल को गायब कर दिया, दोबारा जांच को दो साल तक लटकाया। इसके बाद अदालत ने 14 अक्तूबर को पुलिस महानिरीक्षक को आदेश दिया था कि इस मामले की जांच किसी आईपीएस अधिकारी से करवाएं और स्टेटस रिपोर्ट दें। इस बारे में हिसार शहर थाना पुलिस ने 16 अप्रैल 2020 को भिवानी के गोकलपुरा गांव निवासी विकास की शिकायत पर जींद के तत्कालीन डीएसपी कप्तान सिंह के पीएसओ पुलिस कांस्टेबल भिवानी के देवास गांव निवासी विक्रम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया था।