हिसार। जींद के तत्कालीन डीएसपी कप्तान सिंह के गनमैन द्वारा कथित रूप से अपनी पत्नी की हत्या करने के मामले की जांच अधिकारी एएसपी पूजा वशिष्ठ को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने 17 मार्च तक निर्णायक जांच रिपोर्ट रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं हुआ तो अदालत इस मामले को गंभीरता से लेगी। मामले की सुनाई के दौरान एएसपी पूजा वशिष्ठ ने सूरजकुंड मेले में वीवीआईपी ड्यूटी का हवाला दिया और अदालत में पेश नहीं हुई। उनकी तरफ से सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार अदालत में पेश हुए और मामले में स्टेटस रिपोर्ट फाइल की, जिसमें पिछले सुनवाई से लेकर अब हुई सुनवाई के दौरान कुछ भी जांच आगे नहीं बढ़ी।
अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एमएम रॉय ने बताया कि इस मामले में अदालत ने 14 अक्तूबर 2022 को आदेश पारित कर पुलिस महानिरीक्षक को निर्देश दिए थे कि इस मामले की जांच किसी आईपीएस अधिकारी से करवाई जाए। पुलिस महानिरीक्षक ने 28 अक्टूबर 2022 मामले की जांच एएसपी पूजा वशिष्ठ को सौंप दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच मिले हुए करीब चार माह होने वाले हैं, लेकिन एएसपी पूजा वशिष्ठ विभिन्न बहाने बनाकर जांच रिपोर्ट पेश करने में असफल रही हैं। उन्होंने हर बार वीवीआईपी ड्यूटी का बहाना बनाया है।