हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत में बुधवार को सिरसा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गनमैन विक्रम द्वारा अपनी पत्नी रिंकू की गोली मारकर हत्या के मामले में डीएसपी कप्तान सिंह और गनमैन कुलदीप पेश हुए। अदालत ने डीएसपी कप्तान सिंह और सिपाही कुलदीप को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी।
वहीं तत्कालीन शहर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई वह खारिज हो चुकी है। अदालत ने विनोद कुमार को सरेंडर करने के आदेश दिए हैं। 27 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने डीएसपी समेत तीनों पुलिस कर्मचारियों को भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। मामले में तत्कालीन अनाज मंडी चौकी प्रभारी एएसआई रविंद्र अदालत में सरेंडर कर चुके हैं और जींद के कोत इंचार्ज ईएसआई सतीश कुमार अग्रिम जमानत पर है।
यह था मामला
अभियोग के अनुसार जींद के तत्कालीन डीएसपी कप्तान सिंह के गनमैन सिपाही विक्रम ने 16 अप्रैल 2020 को सिरसा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पत्नी रिंकू की हत्या कर दी थी। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरोपी ने पत्नी की हत्या सोटे से की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के सिर पर दो प्रवेश घावों का और दो निकास घावों का जिक्र है। 19 मई 2020 को प्राप्त हुई एफएसएल रिपोर्ट में गोली लगने के कारण घाव होना सामने आया था। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड ने 12 सितंबर 2020 व 21 नवंबर 2020 को दो बार राय देकर मौत का कारण गोली लगना बताया। उसके बावजूद पुलिस सोटे पर ही अड़ी रही थी। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता मनमोहन राय ने बताया कि कोर्ट अब आगामी सुनवाई 6 मई को होगी। तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद कुमार को सरेंडर करने के आदेश जारी किए हैं। जबकि डीएसपी कप्तान सिंह और सिपाही कुलदीप को जेल भेज दिया।