बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण के दौरान आश्रम से मिली नशीली दवाओं के मामले में बुधवार को अदालत में तीन लोगों की गवाही हुई, जबकि आश्रम संचालक रामपाल की वीसी के जरिये हाजिरी लगाई गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी। मामले के अनुसार आश्रम से मिली दवाओं के मामले में एडीजे जीएस वधवा की अदालत में सुनवाई हुई। इसमें डीआईजी सीआईडी सतेंद्र कुमार गुप्ता पंचकूला से वीसी के जरिये पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनसे ड्रग कंट्रोलर द्वारा हेल्प की मांग की गई थी, जिसके आधार पर उन्हें पुलिस की मदद मुहैया करवाई गई थी। गुप्ता प्रकरण के दौरान हिसार के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। उनके अलावा तत्कालीन ड्रग कंट्रोलर सेवानिवृत्त राजकुमार और सीएमओ डॉ. संजय दहिया अदालत में पेश हुए। आईएएस चंद्रशेखर ने अदालत में रिक्वेस्ट भेजी। वे भाजपा नेता सुषमा स्वराज के निधन के कारण पेश नहीं हो सके। सीएमओ डॉ. संजय दहिया ने कहा कि आश्रम में अवैध रूप से अस्पताल चल रहा था, जिसकी कोई परमिशन नहीं थी। एक अवैध डिस्पेंसरी भी थी और उसकी भी कोई परमिशन नहीं थी। इससे पहले इस मामले के रामपाल सहित पांच आरोपियों की हाजिरी लगी। रामपाल की हाजिरी जेल से ही वीसी के जरिये लगी, जबकि बाकी चार आरोपी ओमप्रकाश हुड्डा, राजेंद्र कुमार, बिजेंद्र सिंह और बलजीत सिंह ने अदालत में पेश होकर हाजिरी लगाई। नवंबर 2014 में आश्रम प्रकरण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों ने बरवाला स्थित सतलोक आश्रम जाकर डिस्पेंसरी की जांच के दौरान वहां से 151 प्रकार की दवाइयां जब्त की थीं। इसके आधार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।