हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक गोयल की अदालत ने नशा तस्करी के जुर्म में राजली गांव के शमशेर को 10 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने शमशेर को शुक्रवार को दोषी करार देते हुए इस मामले के दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। बरवाला थाना पुलिस ने इस संबंध में 6 जनवरी 2022 को केस दर्ज किया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार पुलिस की एक टीम घटना वाले दिन राजली-बाडो पट्टी रोड पर गश्त कर रही थी। पुलिस को वहां सूचना मिली कि राजली का शमशेर सुलखनी रोड पर अपने खेत के सामने नशीले पदार्थ की पुड़िया बेच रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो खेत में बने कमरे के सामने एक व्यक्ति चारपाई पर बैठा दिखाई दिया। वह पुलिसकर्मियों को देखकर भागने लगा। पुलिस कर्मियों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और उसके एक हाथ से प्लास्टिक का डिब्बा बरामद किया। पुलिस ने डिब्बा खोलकर देखा तो एक किलो 600 ग्राम सुल्फा बरामद हुआ। पूछने पर व्यक्ति ने खुद को गांव राजली का शमशेर बताया। बरवाला थाना पुलिस ने इस संबंध में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद दो आरोपी और गिरफ्तार किए थे।
जनवरी में हुई थी गिरफ्तारी
हिसार। राजली निवासी शमशेर को इसी साल जनवरी में गिरफ्तार कर करीब डेढ़ किलो सुल्फा बरामद किया था।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हिसार यूनिट प्रभारी संजय की शिकायत पर राजली निवासी शमशेर के खिलाफ बरवाला थाना में 6 जनवरी 2022 को एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। संजय ने बताया था की सूचना मिली थी कि सुलखनी रोड पर शमशेर आने जाने वाले लोगों को चरस की पुड़िया बना कर देता है, तब टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शमशेर को काबू किया था। इसके पास से तलाशी लेने पर प्लास्टिक का डिब्बा मिला था। डिब्बा खोलकर देखा तो उसमें सुल्फा मिला, जिसका वजन करने पर मादक पदार्थ एक किलो 400 ग्राम पाया था। शमशेर को अरेस्ट करके उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।