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Hisar News: नागरिक अस्पताल के शौचालयों में बैठ कर नशेड़ी कर रहे नशा

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हिसार। एडीजीपी हिसार मंडल में नशे पर अंकुश लगाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। नागरिक अस्पताल के महिला और पुरुष शौचालय में बैठकर नशेड़ी नशा कर रहे हैं। सिरिंज का इस्तेमाल करने के बाद नशेड़ी उसे शौचालय के फ्लैश में डाल देते हैं, जिस कारण शौचालय ब्लॉक हो जाते हैं। हर रोज काफी मात्रा में खाली सिरिंज शौचालय से बरामद हो रहे हैं। इसके बावजूद भी अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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अस्पताल में आसानी से मिल जाती है सिरिंज
जानकारी के अनुसार अस्पताल के अंदर नशा करने वाले युवाओं को आसानी से सिरिंज मिल जाती है। अस्पताल के वार्डों के काउंटर पर दवाओं के साथ-साथ सिरिंज भी रखी हुई है। नर्सिंग ऑफिसर का ध्यान इधर-उधर होने पर नशा करने वाले सिरिंज उठा लेते हैं और शौचालय में जाकर नशा करते हैं। सफाई के दौरान कर्मचारी काफी तादात में सिरिंज को शौचालय से बाहर निकालते हैं।
नशा छुड़वाने के लिए 133 लोग ले रहे दवा
नागरिक अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र में 133 लोगों का रजिस्ट्रेशन है। ये हर रोज नशा छोड़ने की दवा लेने के लिए आ रहे है। मनोरोग विशेषज्ञ की सलाह पर उन्हें दवाई दी जा रही है। दवा लेने वालों में अधिकतर युवा हैं।
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नशा न मिले तो उठती है तड़प
अस्पताल में नशा छोड़ने की दवा लेने आए युवक ने नाम न छापने पर बताया कि काफी समय तक नशे का सेवन किया। दोस्त के साथ मिलकर सिरिंज के जरिये नशा लेेता था। अगर समय पर नशे की डोज न मिले तो पूरे शरीर में तड़प उठती है और नशा करने की तलब होती है। अब नशा छोड़ने की दवा ले रहा हूं। उसने बताया कि शहर में आसानी से नशा मिल जाता है। शहर में कई जगह नशा बिक रहा है।
एडीजीपी ने मंडल स्तर पर चलाया अभियान
एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने नशे के खिलाफ मंडल स्तर पर अभियान चलाया हुआ है। मंडल स्तर पर 50 से अधिक गांवों को चिह्नित किया हुआ है जहां के कुछ युवा नशे की लत में पड़े हैं। एडीजीपी ने पिछले दिनों पुलिस कर्मचारियों को नशे पर अंकुश लगाने के निर्देश जारी किए थे।
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