हरियाणा के हिसार में महाराजा अग्रसेन जिला नागरिक अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज उमस भरी गर्मी से परेशान हो रहे हैं। वार्डों में लगे कूलर खराब पड़े हैं। कई कूलर में तो पंखड़ी तक ही नहीं हैं। वहीं देखरेख के अभाव में कई वार्डों में पंखे धीमी गति से चल रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए व्यवस्था नहीं है। तीमारदारों के लिए न तो पर्याप्त बैंच हैं, न ही कुर्सियां। तीमारदारों को मजबूरी में मरीजों के साथ ही सोना पड़ता है।
शनिवार को हुई बारिश ने नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। करीब दो घंटे हुए बारिश से अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया है। पिछले एक सप्ताह में अस्पताल में यह चौथी बार जलभराव हुआ है। अस्पताल में दवा लेने आने वाले मरीजों को मुख्य गेट से ओपीडी व आपातकालीन वार्ड तक पहुंचने के लिए डेढ़ से दो फीट भरे पानी से गुजरने को मजबूर होना पड़ा।
पिछले कई साल से हर बारिश में नागरिक अस्पताल में यही हालात रहते हैं। हालांकि कुछ समय पहले अस्पताल में जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। जिसके बाद भी बारिश का पानी अस्पताल के प्रसूति कक्ष, मातृत्व वार्ड में घुस गया। ऐसे में मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मरीजों के बनी एंबुलेंस कर्मचारियों के लिए बनी तारणहार
शनिवार दोपहर करीब 2 बजे नागरिक अस्पताल स्टाफ की जब छुट्टी हुई तो इनमें से कुछ कर्मचारियों को सरकारी एंबुलेंस में बैठाकर जलभराव पार करवाया गया। वहीं कोई अन्य व्यवस्था नहीं होने से मरीज गंदे पानी से ही गुजरने को मजबूर होते रहे।
अस्पताल में उपचार करवाने के लिए हिसार पड़ाव चौक निवासी रुकमणी ने बताया कि उसके पैर में चोट लगी हुई है। अस्पताल के मेन गेट के आगे पानी भरने के कारण वह करीब 2 घंटे तक वहीं पर बैठी रही। तलवंडी बादशाहपुर गांव की जच्चा को व्हील चेयर पर बैठाकर जलभराव के बीच से एंबुलेंस में बैठाया गया।
पीने के पानी के लिए तरसते रहे तीमारदार व मरीज
नागरिक अस्पताल में साफ पानी की व्यवस्था नहीं होने से मरीज व तीमारदार प्यासे रह रहे हैं। अस्पताल में बने विभिन्न वार्डों के पास वाटर कूलर ही नहीं लगे हैं। जो लगे हैं उनमें भी कई खराब पड़े हैं। मरीज व तीमारदार अस्पताल परिसर में स्थित कैंटीन के पास लगे एक नलकूप से पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं मरीजों के लिए तीमारदार बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं।
छत पर लगे पंखों की गति धीमी, कूलर में पंखड़ी ही नहीं
वार्ड 13 के अंदर लगे कूलर की पंखड़ी गायब है। जिससे सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है कि मरीजों को भीषण गर्मी में कूलर की सुविधा ही नहीं मिली। इसके अलावा अस्पताल में लगे पंखे धीमी गति से चलते हैं। कमरों में लगे एग्जोस्ट फेन न चलने के कारण अंदर उमस बनी रहती है। जिनसे बचने के लिए जो मरीज बेड से उठ सकते हैं वो बाहर आ जाते हैं, बाकी वहीं मजबूरन उमस भरे माहौल में लेटे रहने को मजबूर रहते हैं।