हिसार। नागरिक अस्पताल में जून में दिव्यांग प्रमाण पत्र में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने समाज कल्याण विभाग को पत्र लिख कर फर्जी पाए गए सातों लाभार्थियों के खाते पर रोक लगाने को कहा है। हालांकि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है जबकि करीब बीस दिन पहले ही जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप चुके है। रिपोर्ट में सिफारिश भी की गई थी कि जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र बनाए हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। लेकिन अभी तक सीएमओ कार्यालय की तरफ से कोई विभागीय कार्रवाई तक नहीं हुई है।
जानकारी अनुसार जून में दिव्यांग प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ था। इसकी जांच के लिए सीएमओ ने चार चिकित्सकों की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जब फार्मों की जांच की तो उसमें सात फार्म फर्जी पाए गए। जिन पर चिकित्सकों की मुहर और हस्ताक्षर थे। इन सात फार्मों में दो शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं। इन सात फार्मों में नेत्र, ईएनटी, हड्डी रोग विशेषज्ञ के फर्जी हस्ताक्षर मिले थे। एक फार्म पर मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के ईएनटी विभाग की मुहर और चिकित्सक के हस्ताक्षर भी मिले थे। कमेटी द्वारा जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट में ये भी लिखा कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने और बनवाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच कमेटी द्वारा सात फार्मों में गड़बड़ी मिली है। इस बारे में समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखा गया है कि फर्जी पाए गए लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ पर रोक लगा दी जाए।
रतना भारती, सीएमओ, नागरिक अस्पताल।