हिसार, बालसमंद। बिजली निगम ने किरतान, धीरणवास, सुंडावास व डोभी सहित कई गांव में भारी भरकम बिजली भेज दिए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली निगम के कर्मचारी करीब 4 महीने मीटर रीडिंग लेने ही नहीं आए और इसका हर्जाना हमें भुगतना पड़ रहा है। जिन उपभोक्ताओं का पहले 700 रुपये से एक हजार तक का बिजली बिल आता था, उनका इस महीने करीब 85 हजार रुपये तक बिल भेजा गया है। समस्या के समाधान के लिए कार्यालय जाते हैं तो बिजली अधिकारी संतुष्टिपूर्वक जवाब नहीं दे रहे।
बालसमंद क्षेत्र के इन गांव में लगातार दूसरी बार गलत बिल आए हैं। क्षेत्र के गांव धीरणवास व किरतान में लोगों को हजारों रुपये बिजली बिल के संदेश भेजे गए हैं। गांव किरतान में विधवा का बिजली बिल 86 हजार 161 रुपये भेजा गया है, जो गलत है, इस बिल की मीटर यूनिट 2984 दर्शाई गई है। महिला का कहना है कि पिछली बार भी उनका बिजली बिल 64 हजार रुपये भेजा था, जो ठीक करवाने के बाद 700 रुपये ही था।
किरतान निवासी जय कुमार व रमनदीप रेपसवाल ने बताया कि बिना रीडिंग लिए ही बिजली बिल उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे हैं। जय कुमार का कहना है कि उनके मीटर रीडिंग 7303 यूनिट का 54 हजार 49 रुपये बिल भेज दिया गया है। किरतान निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि उनका 3856 यूनिट का बिल 29 हजार 520 रुपये बिल आया है जो गलत है। धीरणवास निवासी राजबीर ने बताया कि उनका 6934 यूनिट का 50 हजार 943 रुपये का गलत बिल भेजा गया है। किरतान निवासी अनिल कुमार ने बताया कि अब तक उनका 500 से 700 रुपये तक बिजली बिल आता था, लेकिन इस महीने उनका करीब 3 हजार रुपये बिल आया है। किरतान निवासी सुंदरपाल ने बताया कि उन्होंने अब तक के पिछला सारा बिल का भुगतान कर रखा है। इसके बावजूद इस महीने उनका 10 हजार रुपये बिजली बिल आ गया है।
रामफल ने बताया कि इस बार उनका 10 हजार रुपये बिल आया है, जो कि एक हजार से 2 हजार के बीच आता था। रमनदीप ने बताया कि उनका पहले तो 4 महीने तक रीडिंग नहीं ली गई। बाद में चार महीने का बिजली बिल न भरने का जुर्माना भी लोगों पर ही लगाया गया है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका बिजली बिल केवल 80 रुपये से 200 रुपये के बीच में ही आया है। ऐसे में लोग असमंजस में है कि वे बिल भरें या ना भरें।
ग्रामीणों ने बताया कारण
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली निगम ने खुद के सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए गांव में करीब 4 महीने तक रीडिंग नहीं ली। अब एक साथ 120 दिनों का बिल भेज दिया। इसके साथ ही 4 महीने का मंथली मिनिमम चार्ज भी जोड़ दिया। कई उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिनका रीडिंग खर्चा कम है और मंथली चार्ज ज्यादा जोड़ा गया है। बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि इस मामले को बिजली मंत्री के सामने भी उठाएंगे।
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। उपभोक्ताओं के बिजली बिल ज्यादा आए हैं। आरएपीडीआरपी योजना के कार्य के चलते उपभोक्ताओं के पिछले भरे बिजली बिल का अमाउंट भी मौजूदा बिलों में जुड़कर आ गया। यह एक तकनीकी खराबी के कारण हुआ है। अगले बिजली बिल में इस समस्या का ठीक कर दिया जाएगा। - अरुण कुमार, एसडीओ, बालसमंद