संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी (सिरसा)। गांव देसू खुर्द के गुरुद्वारा में एक सेवादार की कथित गलत हरकत का मामला तूल पकड़ गया। वीरवार को दोनों पक्षों की बातचीत विफल रही। एक पक्ष इस मामले में आरोपी दूसरे सेवादार को भी बाहर करने की बात पर अड़ा है। इससे गांव देसू खुर्द में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा, लेकिन भीड़ बैरिकेड तोड़ते हुए गुरुद्वारा की ओर बढ़ गई। इसके बाद देसू गुरुद्वारा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। आक्रोशित भीड़ ने देसू गुरुद्वारा के समक्ष रोड जाम कर धरना लगा दिया। सूचना के बाद कालांवाली के एसडीएम उदय सिंह, डीएसपी यादराम, डबवाली के डीएसपी कुलदीप सिंह के अलावा ओढां, रोड़ी, कालांवाली व बडागुढ़ा थानों से पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस दौरान एसडीओ रवि कुमार व संदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया। देर शाम को भीड़ ने देसू खुर्द गुरुद्वारे के समक्ष लगे बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद गुरुद्वारे में प्रवेश कर सतनाम वाहे गुरु का जाप करना शुरू कर दिया।
10 सितंबर को इस मामले को लेेकर विभिन्न गुरुद्वारों के पदाधिकारियों, किसान संगठन के सदस्यों व लोगों ने गांव फग्गू के गुरुद्वारा में बैठक आयोजित हुई। बैठक में फैसला हुआ कि देसू गुरुद्वारा के सेवादार मेजर सिंह के अलावा दूसरे सेवादार को भी यहां से बाहर किया जाना चाहिए। इस मामले में 15 सितंबर का दिन निर्धारित किया गया। निर्धारित समय के मुताबिक वीरवार को 7-8 गांवों से लोग सिरसा गुुरद्वारा के प्रधान प्रकाश सिंह साहुवाला व किसान नेता लखविंदर सिंह औलख की अगुवाई में फग्गू गुरुद्वारा में एकत्रित हो गए। वहीं सेवादार के पक्ष में भी काफी लोग देसू खुर्द के गुरुद्वारा में जमा हो गए। इस दौरान पुलिस बल भी मौके पर तैनात कर दिया गया। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि दूसरे सेवादार को भी गुरुद्वारा से बाहर किया जाए अन्यथा श्रद्धालुओं पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा के सेवादार को गुरुद्वारा में रहने का कोई हक नहीं है। उसे हर हालत में बाहर जाना होगा।
हाथापाई व गाली गलौज तक पहुंची बात
इस मामले को लेकर 25 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। उक्त कमेटी फग्गू से देसू खुर्द के गुरुद्वारा में पहुंची। उधर दूसरे सेवादार के पक्ष से भी 21 लोग बातचीत के लिए आ गए। दोनों पक्षों के बीच अभी बातचीत शुरू ही हुई थी कि बात हाथापाई व गाली गलौज तक पहुंच गई। इसके बाद डीएसपी यादराम ने बीच बचाव किया। कुंदन सिंह के पक्ष के लोगों ने 21 सितंबर तक का समय मांगते हुए कहा कि वे इस दिन निर्णय दे देंगे। ये बात जब फग्गू गुरुद्वारा में एकत्रित हुई संगत के बीच पहुंची, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस विषय में जो भी फैसला होगा वो आज ही होगा।
पुलिस के बैरिकेड तोड़े
फग्गू गुरुद्वारा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्रित होने के चलते पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए देसू खुर्द रोड पर सब स्टेशन के पास बैरिकेड लगा दिए। डीएसपी ने आक्रोशित भीड़ को समझाना चाहा, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। भीड़ बैरिकेड तोड़ते हुए देसू खुर्द गुरुद्वारा की ओर बढ़ गई। इसके बाद देसू गुरुद्वारा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने देसू गुरुद्वारा के समक्ष धरना लगा दिया और सतनाम वाहेगुरु का जाप करना शुरू कर दिया। उन्होंने एक स्वर में कहा कि दूसरे सेवादार को गुुरुद्वारा से बाहर किया जाए। इस मामले में डीएसपी व अन्य अधिकारियों ने दोनों पक्षों से कुछ लोगों को बुलाकर बातचीत का दौर चलाया।
ये है पूरा मामला
गांव फग्गू के कुछ युवकों ने गांव देसू खुर्द के गुरुद्वारा के एक सेवादार पर उनके साथ कथित रूप से अश्लील हरकत करने के आरोप लगाकर रोड़ी थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद श्री अमृतसर साहिब से गुरुद्वारा की मुख्य कमेटी के सदस्यों ने देसू में पहुंचकर युवकों व सेवादार से बातचीत करते हुए जांच पड़ताल की तो आरोप सही पाए गए। कमेटी के फैसले के बाद आरोपी सेवादार मेजर सिंह गुरुद्वारा छोड़कर चला गया, लेकिन लोगों ने मेजर सिंह के साथी सेवादार को भी गुरुद्वारा से बाहर करने की बात कही।
स्थिति नियंत्रण में है, लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, बातचीत चल रही है।
- यादराम, डीएसपी
गांव देसू खुर्द के गुरुद्वारा के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : Sirsa
गांव देसू खुर्द के गुरुद्वारा के बाहर लोगों की भीड़। संवाद- फोटो : Sirsa