हिसार। मानसून की बारिश के बाद डेंगू बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए मलेरिया विभाग ने जुलाई माह में डेंगू रोधी माह मनाया गया। डेंगू की रोकथाम के लिए 27 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। लार्वा मिलने पर लोगों केे नोटिस थमाए जा रहे हैं। फिलहाल अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया। लेकिन, अब बारिश के बाद चारों तरफ जलभराव है और ऐसे में डेंगू बीमारी फैलने का खतरा बन गया है।
लोगों को कर रहे जागरूक
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्च महीने से ही टीमें गठित कर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया हुआ है। बारिश के बाद अभियान में तेजी लाई गई हैं। मलेरिया विभाग की 27 टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। जिन घरों में लार्वा मिल रही है उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। एक सप्ताह बाद उसी घर से दोबारा लार्वा मिला तो 200 से लेकर 2000 रुपये का जुर्माना किया जा सकता है। वहीं मलेरिया विभाग द्वारा पानी के ठहराव वाली जगहों को चिह्नित कर उनकी सूची बनाकर नगर निगम और पंचायती राज विभाग के साथ साझा करेंगे ताकि समय रहते पानी की निकासी करवाई जा सके।
डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू एक आम संचारी रोग है जिसके मुख्य लक्षण तेज बुखार, अत्यधिक शरीर दर्द और सिर दर्द है। वयस्कों के मुकाबले बच्चों में इस बीमारी की तीव्रता अधिक होती है।
डेंगू के कारण
यह बीमारी वायरस से होती है। यह चार प्रकार की होती है। आम भाषा में इस बीमारी को हड्डी तोड़ बुखार कहा जाता है क्योंकि इसके कारण शरीर व जोड़ों में बहुत दर्द होता है।
डेंगू फैलता कैसे है?
मलेरिया की तरह डेंगू बुखार भी मच्छरों के काटने से फैलता है। इन मच्छरों को एडीज मच्छर कहते हैं। इसे टाइगर मॉस्किटो भी कहा जाता है। ये मच्छर दिन के समय काटते हैं। भारत में डेंगू रोग बरसात के मौसम में अधिक फैलता है।
डेंगू वायरस से संक्रमित कोई मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके लगभग 3 से 5 दिनों बाद ऐसे व्यक्ति में डेंगू बुखार के लक्षण दिखाई देते है और यह बुखार 3 से 10 दिन तक बुखार रह सकता है।
जिले में 219 कर्मचारी कर रहे जागरूक
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि जिले में एमपीडब्ल्यूएच के 219 कर्मचारियों को डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए लगाया है। शहर में 27 टीमें लगी हुई हैं। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभी तक डेंगू बुखार का कोई केस नहीं आया है।