हिसार। जिले में इस बार डेंगू पर अंकुश लगाने के लिए जिला मलेरिया विभाग की तरफ से मार्च से ही गतिविधियों शुरू हो चुकी है। जिसका परिणाम यह है कि अभी तक मात्र 8 केस डेंगू के सामने आए हैं। उपचार के बाद अब ये स्वस्थ हो चुके हैं। जिला मलेरिया विभाग की तरफ से शहर और ग्रामीण एरिया में डेंगू और मलेरिया पर अंकुश लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
जहां पर केस मिले थे, वहां पर ब्लड स्लाइड बनाकर लोगों के खून के सैंपल लिए ताकि समय रहते डेंगू का पता चल सकें। बेहतर प्रबंधन की कमी से डेंगू 50 प्रतिशत तक खतरनाक हाे सकता है। मच्छर जनित रोगों में डेंगू अति गंभीर रोगों की श्रेणी में आता है, इसलिए डेंगू के प्रति सामुदायिक जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी और डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने डेंगू से बचाव और लक्षण के बारे में टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, जहां पर पानी एकत्रित है उसमें काला तेल डाल दें। डेंगू का मच्छर सुबह के समय काटता है इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहन कर रखें। मच्छर काटने के तीन से चार दिन बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं। समय पर उपचार न करवाने पर प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है जो मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है। रात को बाहर सो रहे हैं तो मच्छरदानी लगाकर सोएं।
अभी तक मरीजों का आंकड़ा
वर्ष संख्या
2014 17
2015 1140
2016 496
2017 538
2018 282
2019 162
2020 117
2021 1009
2022 1799
2023 625
2024 08