हिसार। कैमरी रोड रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की दो दफा डेडलाइन बढ़ाई जा चुकी है। वहीं तीसरी डेडलाइन को पूरा होने में सिर्फ डेढ़ माह का समय बचा है। मगर आज तक आरओबी का काम अधूरा पड़ा है। सात माह पहले रेलवे को गार्डर लॉचिंग की ड्राइंग भेजी गई थी, जो आज तक मंजूर नहीं हुई है, जिससे गार्डर लॉचिंग काम लटका पड़ा है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट पर फरवरी 2020 में काम शुरू हुआ था। तीसरी डेडलाइन के अनुसार 26 अगस्त तक इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना प्रस्तावित है।
पहले लॉकडाउन तो बाद में ड्राइंग व एस्टीमेट रिवाइज होने से बढ़ी डेडलाइन
इस प्रोजेक्ट पर फरवरी 2020 में काम शुरू हुआ था। टेंडर के नियमों के हिसाब से एजेंसी को अगस्त 2021 तक प्रोजेक्ट को पूरा करना था। मगर मार्च के आखिर में लॉकडाउन लग गया, जिससे आरओबी का काम कुछ समय बंद रहा था। इसकी एवज में डेडलाइन चार माह और बढ़ा दी। इसी बीच आरओबी की ड्राइंग व एस्टीमेट रिवाइज कर दिया। इस कारण से डेडलाइन बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई।
सात माह बाद भी गार्डर लॉचिंग ड्राइंग रेलवे में अटकी
आरयूबी (रेलवे अंडरब्रिज) का काम पूरा हो चुका है। मगर आरओबी का काम गार्डर लॉचिंग न होने से अधर में लटका पड़ा है। हालांकि एजेंसी की तरफ से रेलवे को गार्डर लॉचिंग ड्राइंग दिसंबर 2021 में भेजी गई थी। मगर सात माह बाद भी रेलवे ने ड्राइंग को मंजूरी नहीं दी है। एजेंसी की मानें तो गार्डर के काम को पूरा होने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा।
लोग की मांग-अंडपास से गुजर रही पेयजल लाइन शिफ्ट हो, अधिकारी बोले-आरओबी का काम पूरा होना बाकी
अंडरपास बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ अंडरपास के बीच से पेयजल लाइन गुजर रही है, जो आने-जाने में बाधा बन रही है। आसपास के लोग इस पेयजल लाइन को शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। उधर बीएंडआर के अधिकारियों का कहना है कि अभी आरओबी का काम बचा हुआ है। यह काम पूरा होने के बाद ही अंडरपास को आवागमन के लिए खोला जाएगा।
40 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत
इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले यह 26 करोड़ रुपये में तैयार होना था, लेकिन इसकी ड्राइंग में बदलाव होने से इसकी लागत बढ़ गई। इस प्रोजेक्ट में आरओबी के बीच का हिस्सा बो स्टिंग आकार में बनाया जाएगा। इस डिजाइन से बनने वाला यह शहर का पहला आरओबी होगा। यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा।
मैं मंगलवार को ही गार्डर लॉचिंग ड्राइंग के सिलसिले में रेलवे के जयपुर कार्यालय गया था। वहां मुझे बताया गया कि अभी ड्राइंग को मंजूर होने में समय लगेगा। इस ड्राइंग को मंजूरी न मिलने से आरओबी का काम लटका पड़ा है।
मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर