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Hisar News: डीसी ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया, एक घंटा चली बैठक, नहीं बनी सहमति

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हिसार। मुआवजा की मांग और बीमा कंपनी द्वारा फसल बीमा के आवेदन रद्द करने के विरोध में 7 दिन से किसान लघु सचिवालय के गेट पर पड़ाव डाले बैठे हैं। मंगलवार को पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन ने दूसरी बार वार्ता के लिए बुलाया। डीसी की अध्यक्षता में किसानों के साथ प्रशासन की करीब एक घंटा बैठक चली। बैठक में सहमति नहीं बनने से किसानाें ने धरना जारी रखने का फैसला लिया।
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डीसी ने दो दिन का समय मांगा
उपायुक्त उत्तम सिंह ने किसान संगठनों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। करीब 4 बजे किसानों का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए पहुंचा। मीटिंग के बाद बाहर आए किसानों ने बताया कि बैठक में डीसी ने कहा कि दो दिन का समय मांगा। किसानों ने कहा कि आप धरना स्थल पर एलान करो, जिस पर डीसी सहमत नहीं हुए। डीसी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि बुधवार को चंडीगढ़ में उच्चस्तरीय बैठक में किसानों की मांगों को रखकर इसे पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।

मंगलवार को चूली कलां के किसान दूध, लस्सी, सब्जी लेकर पहुंचे। मात्रश्याम गांव के किसान की ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के साथ पक्के मोर्चे में शामिल हुए। संत समाज ने पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति को समर्थन दिया। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति से जुड़े सदलपुर के किसान कुलदीप ने कहा कि रिलायंस बीमा कंपनी किसानों के हितों पर लगातार टांके मार रही है। किसानों की ओर से बार-बार शिकायत दिए जाने के बाद भी सरकार मौन है। पंचायत मंत्री देवेंद्र बदली 50 मीटर दूर आकर चले गए, लेकिन किसानों की समस्याओं को सुनने का उसके पास समय नहीं। इस दौरान किसान नेता सुरेश, जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज टाक माही, संदीप धीरणवास, पार्षद अजय धुंधवाल, पार्षद ओमप्रकाश मालिया प्रतिनिधि के समर्थन किसानों को समर्थन दिया।
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इस अवसर पर अमित श्यामसुख, अमन डाटा, सतबीर फ्रांसी, बीरबल डाया, आनंद सिंह सिवानी, रोशन लाल लाडवा, कृष्ण कनोह, मांगेराम शर्मा, रामकुमार किरमारा, राजेश पंवार नंगथला, अमन कुलेरी, रामकुमार, जोगिंद्र किरमारा, करतार सिंह सिवाच आदि उपस्थित रहे।
लाठीचार्ज का किया विरोध...
पगड़ी संभाल जट्टा संगठन के पदाधिकारियों ने कुरुक्षेत्र में किसानों पर लाठीचार्ज का विरोध किया। किसानों ने कहा कि किसान संगठनों की ओर से जो फैसला लिया जाएगा उसे पूरा करेंगे। सूरजमुखी की फसल को एमएसपी पर क्याें नहीं खरीदा जा रहा। सरकार की ओर से किए गए सभी दावे कागजी साबित हो रहे हैं। समय आने पर सरकार का पूरा हिसाब चुकता करेंगे।
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