हिसार। राष्ट्रीय कवि संगम की हिसार इकाई की ओर से जिला पुस्तकालय में काव्य गोष्ठी में कवियों ने काव्य रचनाओं से वसंत ऋतु का स्वागत किया। कवयित्री पूनम मनचंदा ने मां शारदे को वंदना की। पीपी शर्मा ने ''''देव,असुर,मानव,पशु,पक्षी हैं सब रस के प्यारे..., डॉ. राजेश सरदाना ने ''''लिपट वसंती परिधानों में सरसों हो गई, पिया-पिया कहते-कहते मैं बरसों खो गई..., डॉ. मीरा सिवाच ने ''''दिल है पास तो अहसास भी होगा,गुजरे पलों की याद भी जगाएगी..., वीरेन्द्र सैनी ने ''''बेटी कंगना है, सिंदूर है, रोली है, बेटी मां की सबसे प्यारी हमजोली है...,रिया नागपाल ने ''''वो एक दोस्त बहुत खास है जो मेरे दिल के बहुत पास है.... सुनाकर वाहवाही बटोरी। कवयित्री रिम्पी अंकुर लीखा ने ''''मैं शब्दों की पुजारिन हूं, इन्हें दिन रात जपती हूं...,डॉ दविना अमर ठकराल, अनिता जैन, डॉ चन्द्र शेखर ,साहित्यकार सतीश कौशिक ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार सतीश कौशिक ने शिरकत की। अध्यक्षता एवं मंच संचालन इकाई के अध्यक्ष नीरज कुमार मनचंदा ने किया। गोष्ठी में इकाई के मार्गदर्शक डॉ. चंद्रशेखर और जिला लाइब्रेरियन हरीश चंद्र भी मौजूद रहे।