हिसार। नागरिक अस्पताल में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र मामले में आरोपी डाटा ऑपरेटर संदीप ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ली है। हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। आरोपी को पुलिस जांच में शामिल होना होगा। डिप्टी सीएमओ धर्मेंद्र की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने सात लोगों पर केस दर्ज किया था।
जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल में जून माह में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने का फर्जीवाड़ा सामने आया था। तत्कालीन सीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने चिकित्सकों की एक टीम का गठन किया था। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौंप दी। उसके बाद सीएमओ ने दोबारा से सात लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बुलाया लेकिन उसमें कुछ आए और कुछ नहीं आए। दोबारा से मामले की जांच की गई। दोबारा की गई जांच में भी सात फार्मों में गड़बड़ी मिली। उसके बाद सीएमओ ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर सातों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जांच के दौरान आरोपी संदीप बचता हुआ नजर आ रहा था। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। संदीप मेडिकल अवकाश लेकर चला गया। आरोपी संदीप ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए संदीप को सशर्त अग्रिम जमानत दी है।