पीडब्ल्यूडी की ओर से बरवाला चुंगी से लेकर गंगवा गांव तक के एरिया को नेशनल हाईवे नहीं माना गया है। इसके चलते शहर के बीच में 14 शराब ठेके और तीन बार दोबारा से खुल सकते हैं। आबकारी विभाग को फिलहाल पीडब्ल्यूडी विभाग के पत्र का इंतजार है। विभागीय पत्र मिलने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आने वाले शराब ठेके और बार बंद कर दिए गए थे, जिससे शहर में 14 शराब ठेके और तीन बार बंद हो गए हैं। यह सबसे प्रमुख ठेके होने के कारण करीब 40 प्रतिशत राजस्व इन शराब ठेके और बार से आता था। बस अड्डे के सामने स्थित लीडो बार मालिक ने पीडब्ल्यूडी की ओर से नेशनल हाईवे के बारे में जानकारी मांगी। इस पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन की ओर से जवाब दिया गया, जिसमें बताया गया कि एनएच 52 (ओल्ड नाम एनएच 65) तलवंडी राणा गांव से बरवाला चुंगी, नगोरी गेट, फव्वारा चौक, गंगवा तक का एरिया नेशनल हाईवे-स्टेट हाईवे का हिस्सा नहीं है। नेशनल हाईवे में जहां पर बाईपास होगा, वहां बाईपास को एनएच का हिस्सा माना जाएगा। पीडब्ल्यूडी की ओर से रोड एंड ट्रांसपोर्ट मंत्रालय की 1977, 1982 की पालिसी और पत्रों का हवाला भी दिया गया है। इसके अलावा 23 अप्रैल 2015 के पत्र का हवाला भी दिया गया है। बार संचालक इस पत्र लेकर आबकारी विभाग पहुंचे। आबकारी विभाग की ओर से इस बारे में अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। विभाग के अधिकारियों को अभी पीडब्ल्यूडी की ओर से औपचारिक पत्र का इंतजार है। अधिकारी इस बारे में मुख्यालय से निर्देश के इंतजार में है।
यहां बंद हुए शराब ठेके
क्लॉथ मार्केट एरिया में दो, बस अड्डा एरिया में दो, नागोरी गेट एरिया में दो, गणेश मार्केट एरिया में दो, फव्वारा चौक एरिया में दो, डिफेंस कॉलोनी एरिया में दो, आजाद नगर एरिया में दो। इसके अलावा बस अड्डे के सामने लीडो बार, सेक्टर-14 का बार, जैन अस्पताल के पास सिटी बार।
वर्जन
हमारे पास एक पत्र तो आया है। इस बारे में पीडब्ल्यूडी की ओर से औपचारिक पत्र नहीं आया है। विभाग की ओर से क्लीयर करने के बाद ही कुछ फैसला लेंगे। इस बारे में मुख्यालय से निर्देश लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- मेजर जगजीत सिंह, आयुक्त, आबकारी विभाग, हिसार