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अजीत थुराना गैंग के सदस्यों ने पानू गैंग के अशोक पर किया हमला

Fri, 15 Jan 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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हिसार कोर्ट परिसर स्थित बक्शीखाने में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दो गैंगस्टरों के गुर्गे आपस मे भिड़ गए। इसमें सीसवाला का अशोक घायल हो गया।
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वह विनोद पानू उर्फ काणा गैंग, जबकि हमलावर अजीत थुराना गैंग के बताए जाते हैं। पुलिस ने सुनील सुंडावास और अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार काणा गैंग का अशोक जेल में बंद है। उसकी शुक्रवार को डकैती के एक मुकदमे में अदालत में पेशी थी। दूसरी तरफ थुराना गैंग के सुनील सुंडावास और अन्य की भी दूसरे मामलों में अदालत में पेशी थी।

पुलिस इससे पहले तमाम बंदियों को जेल से लेकर बस में कोर्ट परिसर पहुंची थी। बंदियों को वहां बक्शीखाने में सलाखों के पीछे बंद किया गया था।

कुछ बंदियों को पेशी के लिए ले जाया गया था और पुलिस कुछ को ले जाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान मौका पाकर सलाखों के पीछे बंद अशोक को दूसरे गुट के सुनील सुंडावास और अन्य ने दबोच लिया।
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उन्होंने उसकी शर्ट की गिरेबान पकड़कर उसका सिर बार बार सरियों पर दे मारा। बंदियों के भिड़ने से दूसरे बंदियों और सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया।

पुलिस के बीचबचाव करने तक अशोक का सिर लहूलुहान हो चुका था। पुलिस ने उसे हमलावरों के चंगुल से छुड़वाया और हमलावरों को बड़ी मुश्किल से काबू किया। बाद में घायल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। वारदात की सूचना मिलने पर आला अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया।

कोर्ट परिसर में हिसाब चुकाना चाहता है थुुराना गैंग
एक बार भादरा में पानू गैंग के गुर्गे पर हमला करने से पहले थुराना गैंग के दो सदस्य पकड़े गए। जिससे भादरा कोर्ट में पेशी पर जाने वाला सज्जन बच।

अब की बार कोर्ट परिसर में बक्शीखाने में पानू गैंग के ही अशोक पर हमला किया गया, मगर वह भी बच गया। दोनों बार कोर्ट परिसर में हमले की योजना से ऐसा लगता है कि थुराना गैंग अपने साथी संदीप बच्ची की मौत का बदला कोर्ट परिसर में ही लेना चाहता है।

कोर्ट परिसर में पहले थुराना गैंग के पेटवाड़ निवासी संदीप उर्फ बच्ची की जान जा चुकी है। काणा गैंग के साजिद बालसमंद ने 14 मई को कोर्ट परिसर में गोलियां मारकर बच्ची की हत्या कर दी थी। हालांकि बच्ची पुलिस कस्टडी में था।

एएसआई गुलबीर ने घायल होने के बावजूद साजिद को असलाह समेत काबू कर लिया था। मगर दूर खड़ा उसका साथी अरविंद पंडित फरार हो गया था। इस हत्या का बदला लेने के लिए थुराना गैंग के दो गुर्गे भादरा पहुंचे थे, वहां काणा गैंग के सदस्य सज्जन को कोर्ट परिसर में ही उड़ाने की योजना थी।
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मगर वे पहले ही पुलिस गिरफ्त में आ गए थे। आईजी के स्टाफ ने पिछले दिनों थुराना के अजीत को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विनोद काणा लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में सफल रहा है, वह फरार है।
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