सेशन जज कमलकांत की कोर्ट ने बीमार युवक के साथ उपचार के बहाने कुकर्म करने, दरगाह में बंधक बनाकर रखने और उपचार करवाने में लापरवाही करने के मामले में कालीरावण गांव के पास दरगाह संचालक बाबूखान को 3 साल कैद की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने दोषी को पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे एक माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
कोर्ट ने इस मामले में आदमपुर अग्रोहा मेन रोड पर गांव कालीरावण के पास दरगाह का संचालन कर रहे राजस्थान के टोंक जिले के गांव करड़ा निवासी बाबूखान को 21 नवंबर को दोषी करार दिया था।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार अग्रोहा थाना में 3 मार्च 2014 को मृतक युवक विनोद के मामा धांसू गांव निवासी जगदीश की शिकायत पर बाबू खान के खिलाफ लापरवाही से उपचार कर मरीज को मारने और बंधक बनाने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था।
मृतक का जब पोस्टमार्टम करवाया गया तो रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि हुई थी। बाद में पुलिस ने इस केस में बाबू खान के खिलाफ यह धारा भी जोड़ दी थी।
दौरे आने की थी बीमारी
पुलिस फाइल के अनुसार विनोद अविवाहित युवक था और उसे दौरे आने की बीमारी थी। परिजन कई जगह उसका इलाज करवाकर थक चुके थे।
उन्हें किसी ने बताया कि बाबू खान विनोद का इलाज कर सकता है। किसी के कहने पर वे उसे कालीरावण गांव स्थित दरगाह पर ले गए।
वहां पर दरगाह संचालक बाबू खान ने उसको उपचार के लिए दरगाह में ही रख लिया और वापस घर नहीं भेजा। जब वह और उसकी बहन विनोद को लेने गए तब भी बाबू खान ने उसको नहीं भेजा।
बाद में 3 मार्च 2014 को उनको सूचना मिली कि विनोद की मौत हो गई है। इसके बाद उन्होंने मामले के बारे में पुलिस को शिकायत की। जब विनोद का पोस्टमार्टम किया गया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।