द्वारका कोर्ट ने मंगलवार को गायिका और अभिनेत्री सपना चौधरी को घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत दायर मामले में अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने उनके पति को अगली सुनवाई तक उनसे संपर्क करने या उनके पास पहुंचने से रोक दिया है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट निधि सिंह की अदालत ने सपना चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। सपना ने अपनी वकील प्रीति सिंह के माध्यम से याचिका दायर कर अपनी फिल्म की आगामी रिलीज को देखते हुए व्यक्तिगत सुरक्षा और पेशेवर प्रतिबद्धताओं में किसी भी प्रकार की बाधा की आशंका जताई थी।
अदालत के आदेश में कहा गया है, प्रतिवादी (सपना चौधरी के पति) को अगली सुनवाई की तारीख तक याचिकाकर्ता के पास किसी भी तरह से पहुंचने से रोका जाता है। प्रतिवादी याचिकाकर्ता से किसी भी तरीके से संपर्क नहीं करेगा, उनके निवास स्थान या कार्यस्थल पर नहीं जाएगा और न ही घरेलू हिंसा का कोई कृत्य करेगा। सपना चौधरी की याचिका में उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और फिल्म की रिलीज से जुड़ी चिंताओं को प्रमुखता दी गई थी।