रेल में सफर कर हिसार पहुंची बिहार की महिला के साथ रेप और उसके बच्चे के अपहरण मामले में पुलिस अभी भी सीमा विवाद में उलझी हुई है। पीड़िता के साथ हुई वारदात को सिटी थाना पुलिस जीआरपी का मामला बता रही है तो जीआरपी सिटी थाना का मामला बता रहा है।
सिटी थाना पुलिस ने बुधवार देर रात को जीरो एफआईआर दर्ज कर जीआरपी थाना में भेज दी। सुबह जब जीआरपी थाना पुलिस ने महिला के बयान लिए तो महिला ने वारदात शहर के क्षेत्र की बताई। इतना ही नहीं जीआरपी पुलिस ने सिटी पुलिस की खामी भी उजागर की है। जीआरपी का कहना है कि सिटी पुलिस ने दो दिन से उसका मेडिकल तक भी नहीं करवाया।
जीआरपी स्टाफ ने किए बयान दर्ज
जीआरपी थाना की एएसआई ऊषा का कहना है कि पीड़िता ने जो बयान दिए हैं, उसने साफ बताया है कि उसके साथ वारदात शहर में किसी स्थान पर एक कमरे में हुई थी।
दो लड़कियां व एक महिला उसको खाना खिलाने के लिए ले गईं, जहां उस कमरे में उन्होंने उसे खाना खिलाया और बच्चे को गोद में लिया। खाना खाने के बाद जब उसने अपना बच्चा वापस मांगा तो उन्होंने उसे कहा कि तुम बच्चे का क्या करोगी और उसे वहां से भगा दिया।
शहर के बारे में उसे जानकारी नहीं थी। उसने अपने बच्चे की खूब तलाश की, पूरा रात वह इधर उधर दौड़ती रही। एएसआई का कहना है कि वैसे तो साफ है वारदात स्थल सिटी एरिया का है। यहां यह बता दें कि बुधवार तक सिटी पुलिस इस मामले में पूछताछ करने के लिए जुटी हुई थी। अब सिटी पुलिस ने दुराचार व अपहरण का मामला दर्ज कर जीरो एफआईआर जीआरपी थाने भेज दी।
साईक्लोजिस्ट करेगा काउंसिलिंग
जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद जब जीआरपी थाना पुलिस की महिला स्टाफ सिविल अस्पताल में पीड़िता के बयान लेने पहुंची।
सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक जीआरपी बयान दर्ज करती रही। महिला डरी और सहमी हुई थी। एएसआई ऊषा ने महिला की अपने स्तर पर काउंसिलिंग की और उसे विश्वास में लेकर कि पुलिस आपके साथ है, पूछताछ कर बयान दर्ज करने शुरू किए। महिला ने कई दिल दहला देने वाले राज खोले। पुलिस ने डॉक्टर से पीड़िता की काउंसिलिंग करवाने की बात कही है।
पीड़िता ने किया मेडिकल से इंकार
एएसआई ने बताया है कि पीड़िता ने मेडिकल से साफ इंकार कर दिया है। मेडिकल के लिए डॉक्टरों का एक बोर्ड बनाया गया था। जब बोर्ड महिला का मेडिकल करने लगा तो उसने मेडिकल करवाने से साफ इंकार कर दिया।
सिटी पुलिस की जीरो एफआईआर हमें मिल गई है, वैसे तो मामला सिटी थाने का बनता है। फिर भी जीआरपी ने बयान दर्ज कर लिए हैं। महिला ने मेडिकल से इंकार कर दिया है। उच्च अधिकारियों ने आदेश दिए हैं। शुक्रवार को पीड़िता के जज के समक्ष 164 के बयान दर्ज करवाए जाएंगे। पीड़िता खुद जज के समक्ष सच बताएगी, पूरी तस्वीर वहां साफ हो जाएगी। - ऊषा, एएसआई जीआरपी हिसार