सुनपेड़ मामले को लेकर हिसार में वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल व उसके अनुयायियों के देशद्रोह मामले में सोमवार को चार्ज पर बहस नहीं हो सकी।
कोई भी वकील पेशी पर नहीं पहुंचा। सेंट्रल जेल वन में रामपाल सहित उनके 933 अनुयायियों की पेशी हुई। जेल में ही एडीजे सुदेश शर्मा की कोर्ट लगी।
रामपाल के हजारों अनुयायी शहर में पेशी के दौरान आए हुए थे। सेंट्रल जेल वन में पेशी होने के चलते डाबड़ा पुल पर आने वाले वाहन पूरे दिन बाधित रहे। सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल की मुकदमा नंबर 428 में पेशी हुई।
चार्ज न लग पाने के चलते कोर्ट ने इस मामले में आगे 7 दिसंबर की तारीख लगाई है। कोर्ट में इस मामले में सोमवार को कुल 938 लोगों की पेशी थी।
जिसमें से पांच लोग गैर हाजिर रहे। 933 में से रामपाल सहित 146 अनुयायी जेल में ही बंद थे जबकि अन्य लोग जमानत पर बाहर थे।
सात घंटे में हुई सभी की पेशी
सेंट्रल जेल वन में रामपाल की मुख्य केस मामले में हुई पेशी के दौरान सुबह 9 बजे ही अनुयायियों की लंबी लाइन लग गई। पेशी सुबह 9 बजे शुरु हुई और सात घंटे बाद शाम चार बजे तक लगातार चलती रही।
जेल प्रशासन ने भी पेशी के दौरान पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। टाउन पार्क में रामपाल के सैकड़ों समर्थकों का पूरा दिन जमावड़ा रहा।