एडीजे अजय पराशर की अदालत ने आदमपुर की श्याम गैस एजेंसी के गोदाम के सुरक्षा कर्मी स्याहड़वा के मेवासिंह फौजी की हत्या करने के जुर्म में गांव सदलपुर के सुरेश और रमेश को उम्रकैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सुरेश को अलग से आर्म्स एक्ट में 3 साल की कैद और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजाएं साथ चलेंगी।
आदमपुर पुलिस ने इस बारे में 30 जनवरी 2012 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार आदमपुर की श्याम गैस एजेंसी के कारिंदे सुरेंद्र स्याहड़वा ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि वह, बालक निवासी कारिंदा प्रदीप और सुरक्षा कर्मी स्याहड़वा निवासी मेवासिंह उर्फ फौजी रात दस बजे गोदाम में सो रहे थे। तभी दरवाजा खटखटाया गया।
उसने दरवाजा खोला तो सामने सदलपुर का सुरेश और रमेश खड़े थे। फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर निहाल सिंह बिश्नोई सड़क पर खड़ा था। सुरेश व रमेश अंदर घुस आए और सुरेश ने वहां देखते ही देेखते पिस्तौल से दो हवाई फायर कर दिए।
रमेश ने सुरेश से कहा कि जो फौजी हमें सिलेंडर नहीं देता, वह बेड पर लेटा है, गोली मार दो। यह सुनकर सुरेश ने सीधी मेवासिंह के माथे में गोली मार दी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। वहां गुत्थमगुत्था होने के बाद सुरेश को पकड़ लिया गया और अन्य फरार हो गए।
बाद में वहां मेवासिंह फौजी का बड़ा भाई बलवान सिंह आ गया था। मेवासिंह दम तोड़ गया था। नामजद सुरेश मौके पर संघर्ष के दौरान घायल हो गया था। उसे आदमपुर के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। पुलिस ने इस बारे में हत्या और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।