हरियाणा के हिसार में मामूली विवाद में कस्सी, कसोले से हमला कर बड़े भाई सुभाष की हत्या कर शव को जलाने के करीब चार साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने चूली बागड़ियान गांव निवासी करतार को सोमवार को दोषी करार दिया है। हालांकि शव को खुर्द बुर्द करने के आरोप से उसे बरी कर दिया। अदालत दोषी को 17 मार्च को सजा सुनाएगी।
आदमपुर थाना पुलिस ने 21 जून 2019 को मृतक के बेटे सुधीर की शिकायत पर धारा 302 व 201 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करतार को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि घटना के करीब छह-सात दिन पहले उसका बड़े भाई सुभाष के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसको लेकर वह उससे रंजिश रखने लगा।
इसके बाद 21 जून को सुबह 11 बजे वह खेत में बने कमरे में गया, जहां सुभाष चारपाई पर सोया हुआ था। उसने वहां पड़ी कस्सी से सुभाष पर कई वार किए और फिर वहां पड़े कसोले से वार कर उसकी हत्या कर दी।
बाद में शव को खुर्दबुर्द करने के लिए आग लगा दी। इसी दौरान सुभाष के पुत्र सुधीर व अश्वनी वहां आ गए तो वह कस्सी लेकर फरार हो गया। बाद में घर जाकर खून से सने कपड़े छिपा दिए थे। अदालत ने इसी मामले में करतार को दोषी करार दिया है।