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चालान पर भिड़े पूर्व मंत्री और ओलंपिक बॉक्सर जयभगवान

Sun, 27 Mar 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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जय भ्‍ागवान - फोटो : Bureau
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पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी और ओलंपिक बॉक्सर एवं हिसार के ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर जयभगवान के बीच शनिवार दोपहर को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सामने स्थित लाल बत्ती चौक पर बहस हो गई। बहस का कारण एलएलबी कर रहे पूर्व मंत्री के पोते द्वारा लाल बत्ती क्रॉस करने पर पुलिस द्वारा चालान करने को लेकर था। मामले के बारे में इंस्पेक्टर जयभगवान ने रोजनामचे में पीएलए चौकी में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
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यह है मामला
दरअसल, पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी का पोता एक कार में सवार होकर कैंप चौक से बस स्टैंड की तरफ जा रहा था। उसने दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आईजी कार्यालय के समीप लाल बत्ती क्रॉस कर दी। इस पर ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने उनको रोक लिया और मामले को मौके पर तैनात ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर एवं ओलंपिक बॉक्सर जयभगवान को सुपुर्द कर दिया। उन्होंने वाहन के कागजातों की जांच की और फिर लाल बत्ती क्रॉस करने का चालान कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस पर युवक ने अपने घर फोन कर दिया। फोन करने वाले परिवार के सदस्य ने जयभगवान से बात करवाने को कहा। इंस्पेक्टर ने बात करने से इंकार कर दिया। जब उन्होंने बात नहीं की तो पूर्व मंत्री दोपहर करीब एक बजे खुद मौके पर आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूर्व मंत्री ने सबसे पहले उस ट्रैफिक कांस्टेबल से बात की जिन्होंने उनके पोते को रोका। इसके बाद उन्होंने चालान करने वाले ट्रैफिक इंचार्ज जयभगवान से बात की और पूछा कि चालान क्यों काटा। इस पर दोनों में आपस में बहस हुई।

जयभगवान बोले - मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई
मामले के बारे में जब ट्रैफिक इंचार्ज जयभगवान से बात की गई तो उन्होंने मामले की पुष्टि की और बताया कि शनिवार दोपहर को स्वयं को पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी का पोता बताने वाले युवक ने लाल बत्ती क्रॉस की। जब उन्होंने चालान काटने के लिए नाम, पता पूछा तो नहीं बताया और दुर्व्यवहार किया। इस पर पीएलए चौकी में रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है।
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...तो मैंने भी कहा - लेने के देने पड़ जाएंगे : सैनी
पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने भी घटना की पुष्टि की और कहा कि इंस्पेक्टर मुझे कह रहा था कि अंदर कर दूंगा तो मैंने भी कह दिया कि लेने के देने पड़ जाएंगे। इस को लेकर थोड़ी बहस हो गई। हालांकि कोई बड़ी बात नहीं थी।

पहले भी हो चुके इस तरह के मामले
चालान काटने के मामले पहले भी हो चुके। करीब चार साल पहले तत्कालीन एक मंत्री की पत्नी का चालान काटने का मामला खूब तूल पकड़ा था। चालान काटने के बाद शाम तक पूरे थाने की बदली कर दी गई थी।
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