कुछ साल पहले पटवारी रहते हुए रिश्वत लेने के आरोप में फंसा नरेंद्र अब कानूनगो बनने के बाद भी निशानदेही के नाम पर रिश्वत लेते धरा गया। सोमवार को विजिलेंस की टीम ने कानूनगो नरेंद्र कुमार व उसके साथी रिटायर्ड कानूनगो देशराज को 10 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में काबू किया है। दोनों को बरवाला के पटवार खाने में टीम ने दबोचा है।
आरोपियों से विजिलेंस की टीम ने राशि भी बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर दिया है। मंगलवार को आरोपियों को हिसार अदालत में पेश किया जाएगा। टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर देवीलाल ने बताया बरवाला के वार्ड 10 निवासी सुरेंद्र कुमार ने उन्हें कानूनगो नरेंद्र के खिलाफ शिकायत दी थी कि नरेंद्र उसके नगर पालिका के दायरे में आने वाली जमीन की पैमाइश के नाम 10 हजार 500 रुपए देने की मांग कर रहा है। ऐसे में डीसी की अनुमति लेकर एक टीम बनाई गई।
बरवाला बीडीपीओ रमेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। टीम में इंस्पेक्टर देवीलाल को इंचार्ज, इंस्पेक्टर अनिल, एएसआई सुरेंद्र, अजीत, रमेश चंद्र को शामिल किया गया। सभी ने सादी वर्दी में अपने प्लान के अनुसार सुरेंद्र को पाउडर लगे रुपए देकर पटवार खाने में भेज दिया। इस बीच इशारा मिलने पर टीम ने मौके पर दबिश दे दी।
बाद में तलाशी के दौरान टीम को मौके से पाउडर लगी राशि भी मिल गई। वहीं, जब दोनों आरोपियों को टीम हिसार ले जा रही थी तो मौके पर काफी भीड़ भी जमा हो गई। यहां बता दें कि आरोपी नरेंद्र को कुछ साल पहले उस दौरान भी रिश्वत लेने के आरोप में काबू किया था, जब वो बरवाला में पटवारी के पद पर तैनात था। यही नहीं नरेंद्र वर्ष 2011 में कानूनगो रहते हुए भी विजिलेंस के हत्थे चढ़ चुका है। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को अब अदालत में पेश किया जाएगा।
फोटो कैप्शन- 1 बरवाला में पटवार खाने में दबोचे गए रिश्वत लेने के दोनों आरोपियों को ले जाती विजिलेंस की टीम।