उपमंडल के गांव मोहिला में सोमवार को डेढ़ साल के एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एक तांत्रिक की वजह से बच्चे की मौत हुई है। घर में परेशानियों के चलते एक दिन पहले ही रविवार को परिजनों ने तांत्रिक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी और सोमवार को जैसे ही कथित तांत्रिक गांव आया तो उनके बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के पीछे तांत्रिक का हाथ है। परिजन बच्चे के शव के साथ थाने में गए और धरना लगा कर बैठ गए। इसी बीच पुलिस के बुलावे पर कथित तांत्रिक थाने पहुंचा तो गुस्साए परिजन उस पर टूट पड़े।
पुलिस ने बीच-बचाव कर उसे छुड़वाया और पूछताछ की। परिजन बोले कि इस तांत्रिक की वजह से परिवार में एक सदस्य की पहले ही मौत हो चुकी है तथा दो महिलाएं मानसिक रूप से बीमार चल रही हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच हुई पंचायत के बाद कार्रवाई के लिए 16 मार्च तक का समय मांगा है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को मोहिला गांव के मुकेश कुमार तथा रेखा रानी व अन्य लोगों ने एक तांत्रिक के खिलाफ घर में माहौल खराब करने का आरोप लगाया था और पुलिस से उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। रविवार को पुलिस उसे लेकर गई तो इसी बीच मुकेश के डेढ़ साल के बच्चे की अचानक मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार के लोग भड़क गए और नवजात के शव के साथ थाने में आकर ही हंगामा करने लगे।
पुलिस ने इस दौरान परिजनों से बातचीत की और कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। नवजात के पिता मुकेश कुमार व उसकी मां रेखा रानी का कहना था कि तांत्रिक ने अपनी शक्ति से उसके बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। एक साल पहले परिवार के एक जवान आदमी को भी उसने ही अपनी तांत्रिक विद्या से मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा परिवार की दो महिलाओं को भी उसने जादू-टोने से मानसिक रूप से अस्वस्थ बना रखा है।
थाने में कथित तांत्रिक की पिटाई
पुलिस के बुलावे पर तांत्रिक को थाने पहुंचे तो नवजात के शव के साथ थाने में बैठे परिजन भड़क गए। उन्होंने थाना परिसर में ही उसकी पिटाई शुरू कर दी। थाने में हंगामे का शोर सुनकर पुलिस दौड़ी और दोनों पक्षों को अलग-अलग किया। परिजन बोले कि इस तांत्रिक की वजह से उनका परिवार आज बुरे दौर से गुजर रहा है। उनका कहना था कि आरोपी के खिलाफ थाने में शिकायत देते ही अगले दिन उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई।
पुलिस की बजाए समाज में होगा फैंसला
करीब 3 घंटे तक दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक में तय हुआ कि बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया जाए और इस मामले को लेकर 16 मार्च को बंजारा समाज की एक पंचायत बुलाई जाए। दोनों पक्षों की सहमति के बाद कथित रूप से तांत्रिक को पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। नवजात के पिता मुकेश ने बताया कि बिरादरी की 16 मार्च को होने वाली पंचायत में अगर न्याय नहीं मिला तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।
लिखित में नहीं दी शिकायत : थाना प्रभारी
इस बारे में थाना प्रभारी देशराज जांगड़ा ने कहा कि एक नवजात को लेकर परिजन थाने आए थे, लेकिन उन्होंने सोमवार को हुए घटनाक्रम को लेकर लिखित में पुलिस को कोई भी शिकायत नहीं दी। पुलिस बच्चे का पोस्टमार्टम और कार्रवाई के लिए तैयार थी, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से साफ मना कर दिया।
मैं तांत्रिक नहीं हूं मुझे फंसाया जा रहा है : संतू
इस बारे में संतू ने कहा कि वह कोई तांत्रिक नहीं है और न ही कभी जादू-टोने में यकीन रखता। उसने कहा कि वह कभी इनके घर भी नहीं गया और उसे जानबूझ कर फंसाया जा रहा है। संतू ने कहा कि मैं तो शादी में मोहिला आया था और मैं किसी मासूम की जान क्यूं और किस ताकत से लूंगा। उसने कहा कि वह निर्दोष है और हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।