आश्रम प्रकरण में सीपीएस कमल गुप्ता की ओर से दिया गया एक सप्ताह का समय पूरा होते ही शनिवार को आश्रम के बाहर बैठ गईं। बाद में आश्रम संचालक राजदास महाराज ने लड़कियों को अंदर जाने के लिए कहा, तब लड़कियां वापस अंदर गईं।
आश्रम प्रकरण में शिफ्ट की गई लड़कियों ने पिछले सप्ताह भूख हड़ताल शुरू कर दी थी, जिसके बाद सीपीएस कमल गुप्ता ने लड़कियों को एक सप्ताह में वापस भेजने का आश्वासन दिया था।
इसके बाद लड़कियों ने खाना खाया था। शनिवार शाम पांच बजे एक सप्ताह का समय पूरा होते ही छात्राएं आश्रम के मेनगेट से बाहर आकर बैठ गईं। दूसरे आश्रम की केयर टेकर मुन्नी देवी ने लड़कियों को अपने साथ ले जाने की बात कही, जिस पर आश्रम प्रबंधकों ने लिखित में अंडर टेकिंग मांगी। बाद में आश्रम की प्रबंधन से जुटे रमेश कुमार भी मौके पर पहुंचे।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लड़कियों को अंदर जाने के लिए कहा, जिस पर लड़कियों ने इन्कार कर दिया।
करीब दो घंटे बाद राजदास महाराज मौके पर पहुंचे। उन्होंने लड़कियों को अंदर जाने के लिए कहा। साथ ही जल्द वापसी का भरोसा दिया, जिसके बाद लड़कियों ने अंदर जाकर खाना खा लिया।
आश्रम में जेजे एक्ट के मानकों को जांचने का काम शनिवार को भी जारी रहा। प्रशासन की ओर से अब तक आश्रम को सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है। जिस कारण कानूनी तौर पर बच्चों को वापस आश्रम में शिफ्ट नहीं किया जा सकता। राजनीतिक दबाव के चलते बच्चों को जल्द वापस भेजने का प्रयास किया जा रहा है।