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जिंदा पति का डेथ क्लेम लेकर राजस्थान में जोगन के वेश में डेरे में रहती थी राजबाला

Tue, 20 Dec 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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धोखाधड़ी - फोटो : bureau
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जिंदा पति का डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर बीमा पॉलिसी क्लेम हासिल कर फरार होने वाली आजाद नगर किसान कॉलोनी की राजबाला जोगन के वेश में राजस्थान में रह रही थी। सिविल लाइन पुलिस ने उसे राजस्थान में जिला राजसमंद के गांव ककरावां के नाथ संप्रदाय के एक डेरे से पकड़ा है।
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हालांकि पुलिस ने राजबाला के साथ डेरा प्रमुख बाबा बालकनाथ को भी पकड़ा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि राजबाला ने वहां पर क्लेम राशि से प्लॉट तक खरीद लिया था। इस दौरान हुई बैंक ट्रांजेक्शन से वह पुलिस की पकड़ में आई है।
हाल ही में उसने 8 दिसंबर को सतीश व राजबाला के ज्वाइंट एकाउंट से ट्रांजेक्शन की थी। पुलिस को बैंक से उसकी ट्रांजेक्शन करने की लोकेशन मिल गई, जिसके बाद पुलिस शातिर महिला तक पहुंच गई। पुलिस ने सोमवार को उसे हिसार कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
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पुलिस के अनुसार गिरफ्तार राजबाला ककरावां डेरे के महंत बालक नाथ को अपना गुरु बता रही है। महिला ने बताया कि उसने निगम पार्षद और आंगनबाड़ी वर्कर को विश्वास में लेकर क्लेम हासिल किया।

उसने गारंटर के तौर पर बालक नाथ के फर्जी साइन कर क्लेम की 58 हजार रुपये हासिल की थी। वारदात के बाद वह यहां से फरार होकर ककरावां पहुंची गई। वहां जाकर उसने भगवा धारण कर लिया। वह बाबा बालक नाथ को पहले से गुरु मानती है और उनसे फोन पर बातें होती रहती थीं। उसने बताया कि उसने क्लेम के हासिल हुई रकम का ककरावां में तीन मरले का एक प्लॉट खरीद लिया। यह प्लॉट राजस्थान तथा गुजरात व पाकिस्तान सीमा के साथ लगते एरिया में है।

पति की भांजी छोड़ रखी है हॉस्टल में
आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया है कि वह पति सतीश की 12 वर्षीय भांजी को साथ ले गई थी। वह लड़की राजस्थान के उदयपुर शहर के एक हॉस्टल में छोड़ रखी है। फिलहाल पुलिस महिला की बातों को संदेह की नजर से देख रही है। पुलिस का कहना है कि बच्ची की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

महिला के साइन का लिया सैंपल
एचएयू चौकी के एसआई अमर सिंह ने कोर्ट से गुहार की है कि आरोपी महिला के साइन के नमूने लिये जाएं। उसने क्लेम फार्म पर हस्ताक्षर रख रखे हैं। हस्ताक्षर की जांच की जानी है। उसके बाद कोर्ट में महिला के साइन का सैंपल लिया गया।

यह है मामला
आजाद नगर में रेलवे लाइन के पास किसान कॉलोनी के पुजारी सतीश कुमार ने फतेहाबाद की राजबाला बेनीवाल के साथ 17 साल पहले अंतरजातीय विवाह किया था। सतीश ने शिकायत में कहा था कि वह एक साल पहले तेलंगाना गया था और वहां ट्रांसपोर्ट का काम करता था।

वह वारदात से कुछ समय पहले घर आया तो उसे पूरे मामले का पता चला। उसने बताया कि आठ जून को वह घर से बाहर गया हुआ था। वह लौटा तो राजबाला सामान और उसकी भांजी समेत गायब थी। उसे बाद में पता चला था कि राजबाला ने उसका डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर बीमा क्लेम हासिल कर फरार हो चुकी है। सिविल लाइन पुलिस ने राजबाला के खिलाफ केस दर्ज किया था।

यूं आई पकड़ में
पुलिस को सतीश ने राजस्थान एरिया में राजबाला की लोकेशन होने की सूचना दी। दो दिन पहले पुलिस राजस्थान में रवाना हो गई। गाड़ी में जाते हुए पुलिस ने सतीश से उसके बैंक खातों के बारे में बातचीत की। बातचीत में ज्वाइंट एकाउंट की बात समाने आ गई।

पुलिस ने वहीं से एक जनप्रतिनिधि को फोन कर एकाउंट नंबर बताकर संबंधित बैंक में जाने के लिए कहा। मगर बैंक ने जनप्रतिनिधि को एकाउंट की डिटेल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस खुद बैंक पहुंची। उन्होंने वहां से ट्रांजेक्शन डिटेल निकलवाई। पुलिस को उसकी राजस्थान में लास्ट ट्रांजेक्शन की डिटेल मिली।

पुलिस उस एरिया में पहुंच गई। वहां पहुंचकर पुलिस ने उस एरिया के थाने में रात गुजारने के लिए संपर्क किया। जब वे वहां पहुंचे तो राजस्थान पुलिस ने उनसे केस संबंधित जानकारी पूछी तो सिविल लाइन पुलिस ने राजबाला का फोटो दिखाया।

वहां की पुलिस महिला को देखकर चौंक गई। उन्होंने कहा कि आप इस महिला को ढूंढ रहे हैं इस महिला ने तो यहां की पुलिस पर भी प्लॉट खरीद मामले में केस दर्ज करवाया हुआ है। वहां की पुलिस हिसार पुलिस को थाना से करीब तीन किलोमीटर दूर उस डेरे में ले गई। जिसके बाद पुलिस ने राजबाला को काबू कर लिया।
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