फर्जी डिग्री पर लगा था लेक्चरर, दोषी करार, सजा कल
- फोटो : bureau
एडीजे चंद्रशेखर की अदालत ने फर्जी डिग्रियों पर 16 साल तक जूनियर लेक्चरर की नौकरी करने वाले हांसी के गोल कोठी क्षेत्र के भारत भूषण को सोमवार को दोषी मानते हुए उसके पिता धर्मपाल को बरी कर दिया। दोषी को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी। उसके पिता पर बीईओ रहते फर्जी डिग्री सत्यापित करने का आरोप था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार हांसी के मॉडल टाउन के एडवोकेट धर्मपाल सिंह ने विजिलेंस को शिकायत देकर कहा था कि डाटा के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इंग्लिश लेक्चरर भारतभूषण की बीएससी और एमए की डिग्री फर्जी है। वह हांसी के गोल कोठी क्षेत्र में रहता है।
विजिलेंस ने शिकायत पर गौर करते हुए तफ्तीश की तो पाया कि 1997 में इंग्लिश लेक्चरर के पद पर लगे भारतभूषण की मगध की एक यूनिवर्सिटी से लाई गई बीएससी और एमए इंगलिश की डिग्री फर्जी है। जांच में पाया था कि नौकरी ज्वाइन करते समय उसका पिता धर्मपाल रतिया में शिक्षा विभाग में बीईओ लगा था।
उसी ने अपने बेटे की फर्जी डिग्री सत्यापित की थी। विजिलेंस ने दोनों पिता-पुत्रों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का केस दर्ज कर उन्हें आरोपी बनाया था। अदालत ने सोमवार को भारतभूषण को दोषी मानकर उसके पिता धर्मपाल को बरी कर दिया।