कंवारी गांव में रविवार को कर्ज में डूबे एक किसान ने पूरे परिवार समेत जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या करने की कोशिश की। दो मासूम बच्चों सहित परिवार के पांचों सदस्यों की हालात गंभीर बनी है।
दंपति, किसान की मां और दोनों बच्चे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। मामले के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की छानबीन शुरू कर दी।
किसान के जीजा हुकमचंद का कहना है कि उसके साले संदीप ढांडा, पत्नी गीता, सात वर्षीय बेटी मेघा, पांच वर्षीय बेेटा सुधीर और संदीप की मां संतोष ने रविवार शाम को कर्ज से तंग आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया।
हुकमचंद ने बताया कि संदीप के पास तीन एकड़ जमीन है। पिछले तीन-चार साल से कोई फसल नहीं हो रही थी। फसल खराबे के कारण उसने अपने ही परिवार के लोगों से लाखों का कर्ज ले लिया।
संदीप ढांडा ने खेती में लगातार नुकसान होने के चलते भैंसों का व्यापार शुरू किया। इसमें भी उसे लगातार घाटा होता गया। परिवार के जिन लोगों से उसने रुपये ले रखे थे, वे बार-बार उस पर रुपये देने का दबाव बना रहे थे।
संदीप के जीजा का कहना था कि अब उसके और उसके परिवार के पास आत्महत्या के अलावा कोई चारा नहीं था, जिसके कारण उसने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या की कोशिश की।
हालत बिगड़ने पर संदीप के चाचा और आसपास के लोगों ने उन्हें हिसार के तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया।
मामले की जांच की जा रही है। परिवार के पांचों लोगों का फिलहाल इलाज किया जा रहा है। उनके बयान दर्ज करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- प्रह्लाद सिंह, सदर थाना प्रभारी