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नियाना में बिजली निगम की 10 टीमों पर पथराव, जान बचा भागे अधिकारी, 3 जख्मी

Thu, 11 Aug 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
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‌बिजली निगम की टीम पर हमला - फोटो : buraeau
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गांव नियाना में बिजली चोरी पकड़ने के लिए पहुंची बिजली निगम की 10 टीमों पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। रात के अंधेरे में अधिकारी किसी तरह से जान बचाकर मौके से भागे। पत्थर लगने से बिजली निगम के तीन अधिकारी सहित कुछ लोग चोटिल हो गए। 
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प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई म्हारा गाम जगमग गाम योजना के तहत नियाना गांव में काम किया गया था। इस योजना में शामिल किए जाने के बाद भी इन फीडर पर लाइनलॉस कम नहीं हो पा रहा था। जिसको लेकर बिजली निगम के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी। बुधवार की देर शाम बिजली निगम की दस टीम गांव नियाना पहुंची।

एक्सईएन भीम सैन के नेतृत्व में सातरोड सब डिवीजन के एसडीओ भूप सिंह, आदमपुर के एसडीओ आनंद सहित करीब दस से अधिक जूनियर इंजीनियर थे। इसके अलावा बिजली निगम के अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। बिजली निगम टीमों के साथ करीब 40 पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। बिजली निगम की टीम ने यहां 11 घरों में बिजली चोरी के केस पकड़ लिए। निगम की टीम जब नरवाल वाले मोहल्ले में पहुंची तो करीब 100 से अधिक लोगों ने टीम पर हमला बोल दिया। टीम पर पथराव कर उन्हें भागने को मजबूर कर दिया। पत्थरों से बिजली निगम के तीन जूनियर को चोटें आई हैं। पुलिस की टीम मौके पर कुछ नहीं कर सकी। 
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फीडर पर 73 प्रतिशत लाइनलॉसः बिजली निगम से मिली जानकारी के अनुसार नियाणा गांव के फीडर पर  करीब 77 प्रतिशत लाइनलॉस था। बिजली निगम की ओर से जगमग स्कीम में इसे शामिल करने के बाद भी यह लोस 73 प्रतिशत से कम नहीं आ रहा था। यानि रही बिजली की 100 यूनिट में से 73 चोरी हो रही हैं। 

डयूटी मजिस्ट्रेट की लापरवाहीः 
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एससी डीएल हंसू ने कहा कि डयूटी मैजिस्ट्रेट ओमप्रकाश पर भी लापरवाही बरती। उन्हें बार बार कहा गया फिर भी वह मौके पर नहीं आया । इस बारे में हम डीसी को भी शिकायत भेजेंगे।
सुशासन सहयोगी पर पथराव ः बिजली निगमों की टीम के साथ सीएम के सुशासन की सहयोगी मनीषा भटोटिया भी मौके पर गई थी। पथराव के दौरान वह गाडी में फंस गई। बिजली निगम के कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें वहां से निकालकर बचाया। 

दिन में अधिकारियों से कार्रवाई न करने की लगाई थी गुहार
दिन में नियाना के ग्रामीण बिजली चोरी के मामले में उखाड़े गए मीटरों की लैब में जांच न करवाने की अर्जी लेकर बुधवार को बिजली निगम के एसई से मिलने पहुंचे। 40 से 50 की संख्या में आए ग्रामीणों ने गांव से उखाड़े गए मीटरों की जांच न कराने के लिए एसई डीएल हंसु से गुहार लगाई। गांव के सरपंच ने बताया कि गांव में काफी सालों से पुराने मीटर लगे हुए थे, जिन्हें बिजली निगम की टीम ने अपने कब्जे में लेकर जांच करवाने के लिए भेजा है, लेकिन ये मीटर काफी समय से लगे हुए थे और कुछ मीटरों में बिल अधिक आने की भी शिकायत है। ऐेसे में अगर इन मीटरों की जांच की जाएगी तो ग्रामीणों पर बिजली बिलों का बोझ बढ़ जाएगा, जिससे ग्रामीण बिजली का बिल भरने में नाकाम रहेंगे। 

इसलिए उखाड़े थे मीटर
 बिजली निगम जगमग योजना के तहत गांवों में बिजली चोरी पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चला रहा है, जिसके तहत गांव न्याणा से इसकी शुरुआत की गई थी। अभियान के तहत बिजली निगम की 11 टीमें बनाई गई हैं, जिनमें तीन एक्सईएन, एसडीओ, दो जेई, दो लाइनमैन की टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों ने गांव में पुलिस बल के साथ गांव में विशेष अभियान चलाया था। इसके तहत गांव न्याणा से 56 मीटर जांच के लिए उखाड़े गए थे। इनके साथ गांव से 9 मामले बिजली चोरी के भी पकड़ थे। बिजली निगम के एसई डीएल हंसु ने मामला एक्सईएन को सौंपकर उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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