गांव सिसाय बोलान पाना में कुएं की सफ़ाई करने उतरे जयवीर को बचाने की कोशिश में सुनील खुद मौत के कुएं में समा गया।उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। दो बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया। ग्रामीणों ने बताया कि जयवीर पहले कभी भी ऐसे कुएं में नीचे नहीं उतरा था। ग्रामीण मुकेश ने बताया कि सुनील को पता चला की जयवीर कुएं की सफ़ाई करते हुए बेसुध हो गया है। सूचना मिलने पर तुरंत सुनील कुएं में उतर गया। जयवीर को बचाने के दौरान उसे अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।
दो बच्चों का पिता था सुनील
मृतक सुनील का करीब 3 साल का एक बेटा व करीब 5 साल की एक बेटी है। सुनील सिहाग गांव में फोटोग्राफी का काम करता था। सुनील का चचेरा भाई अनिल भी विवाहित है। तीन साल पहले शादी हुई थी और उसका दो साल का लड़का है। अनिल कुमार बागवानी विभाग में कर्मचारी है। अनिल का हिसार के अस्पताल में उपचार चल रहा है।
दमकल कर्मचारियों के पास भी नहीं थी सेफ्टी किट
ग्रामीणों ने कहा कि दमकल विभाग के पास भी किसी प्रकार की सेफ्टी किट नहीं थी। दमकल कर्मचारी राजेंद्र ने कहा कि उनके पास सेफ्टी किट तो थी, लेकिन ऐसे घटनाएं कभी कदार होती है। उनके पास अचानक फोन आया था, जिस कारण सिस्टम काम नहीं कर सका। उनकी टीम ने ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन कर जयबीर को कुएं से बाहर निकाला।
कुएं के बाहर तक प्रभाव छोड़ रही थी जहरीली गैस
रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे दमकल विभाग के कर्मचारी राजेंद्र सिंह, संदीप सिंह, बलजीत व संजय ने बताया कि गैस इतनी जहरीली व तीखी थी कि कुएं के बाहर तक प्रभाव छोड़ रही थी। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बेहद ही जोखिम भरा था। कुएं के नजदीक जाते ही गैस सिर व दिमाग में चढ़ रही थी। ऐसे में कुएं के अंदर जाना खतरे से खाली नहीं था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनके कर्मचारी संदीप सिंह की भी हालत बिगड़ गई थी। संदीप भी बेसुध हो गया गया। संदीप सिंह को नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। जहरीली गैस के प्रभाव को कम करने के लिए कुएं पर फराटे पंखे रखने पड़े। पंखे रखने के बाद दमकल कर्मी कुएं में प्रवेश कर पाए।