एडीजे अलका मलिक की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक निजी स्कूल के वैन ड्राइवर को दोषी मानते हुए 7 साल की कैद की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने ड्राइवर जुगलान निवासी ज्ञान सिंह को 60 हजार रुपये का जुुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे 2 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार 31 मई 2013 को 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक निजी स्कूल की छात्रा ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के परिजनों ने शिकायत में बताया था कि छात्रा स्कूल वैन से आती-जाती थी, जिसे चालक ज्ञानसिंह परेशान करता था।
छात्रा के आत्महत्या करने की घटना वाले दिन ज्ञान सिंह छात्रा के घर तक पहुंच गया। ड्राइवर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। छात्रा ने जब शोर मचाया तो ड्राइवर मौके से भागने लगा। अफरा-तफरी में ज्ञान सिंह का भागते समय बाइक फिसल गई, जिससे वह नीचे गिर गया।
परिजनों ने ज्ञान सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया। छेड़छाड़ से आहत होकर छात्रा ने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने ज्ञान सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने ज्ञान सिंह को दोषी मानते हुए धारा 354 बी में 3 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
जुर्माना न भरने पर उसे आठ माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। धारा 306 में 7 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे 2 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पॉक्सो एक्ट में कोर्ट ने ड्राइवर को बरी कर दिया। दोनों मामलों में सजा साथ-साथ चलेगी।