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खुले मेनहोल में गिरकर बच्चे की मौत

Thu, 03 Dec 2015 12:36 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों की लापरवाही ने यहां एक मासूम की जान ले ली। इंदिरा कॉलोनी में गली के बीचों-बीच सीवरेज के खुले मेनहोल में गिरने से 7 वर्षीय सुनील की दर्दनाक मौत हो गई।
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यह बच्चा यहां किराए पर रह रहे एक मजदूर मूल रूप से यूपी के एटा निवासी पूर्ण सिंह का पुत्र है। बच्चा मंगलवार की शाम 6 बजे से लापता था। बुधवार की सुबह उसका शव सीवरेज के मेनहोल में मिला।

घटना से गुस्साए क्षेत्र के लोगों ने पब्लिक हेल्थ और स्थानीय विधायक रेणुका बिश्नोई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर तीन घंटे तक जींद रोड पर जाम भी लगाया।
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मौके पर आने की जहमत तक नहीं उठाई
पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन जगबीर मलिक ने मौके पर आने की जहमत नहीं उठाई, लेकिन उन्होंने अपने मातहत एसडीओ शशिकांत व अन्य को किसी भी सूरत में मामले को पैचअप करने की हिदायत देकर मौके पर भेज दिया। भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दो बहनों का इकलौता भाई था
जानकारी के मुताबिक एटा निवासी पूर्ण सिंह यहां मजदूरी करता है। उसकी पत्नी सुनीता ने बताया कि सुनील दो बहनों का इकलौता भाई था। मंगलवार देर शाम वह अपने पिता के पीछे-पीछे घर से गया था।

इंदिरा कॉलोनी की मुख्य गली में पिछले कई दिनों से मेनहोल पर ढक्कन नहीं है। इसी बीच बच्चा इस मेनहोल में गिर गया और पिता को उसके गिरने का पता ही नहीं चला।

जब पूर्ण सिंह घर पहुंचा तो उसकी पत्नी ने बच्चे के बारे में पूछा। पूर्ण ने अनभिज्ञता जताई तो परिवार के लोगों ने बच्चे की तलाश शुरू की। इस दौरान अनाज मंडी चौकी पुलिस को भी बच्चे के लापता होने की सूचना दी गई। पुलिस ने उन्हें अपने स्तर पर बच्चे को खोजने की बात कहते हुए वापस लौटा दिया।

क्षेत्र में फैल गई सनसनी
बुधवार की सुबह बच्चे की तलाश की जा रही थी कि किसी ने मेनहोल में बच्चे को पड़ा देखा। आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बच्चे को बाहर निकाला गया।

मृतक के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने बच्चे के शव को सड़क पर रखकर जींद रोड जाम कर दिया।

दो लाख देने का आश्वासन देकर खुलवाया जाम
पीड़ित परिवार को पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों द्वारा 2 लाख देने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया और शव का पोस्टमार्टम किया गया।

इस दौरान स्थिति संभालने के लिए नायब तहसीलदार रघुबीर बोहरा, डीएसपी संदीप मलिक, सिटी थाना प्रभारी कृष्ण लाल और सदर थाना प्रभारी प्रह्लाद सिंह भी मौके पर मौजूद थे।

नहीं पहुंचे वोट मांगने वाले नेता
जाम के दौरान आसपास के लोग तो पीड़ित परिवार के दुख-दर्द में शामिल हुए, लेकिन चुनाव के वक्त वोट मांगने वाले नहीं आए। लोगों ने विधायक रेणुका बिश्नोई के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।

उनका कहना था कि शहर का ऐसे ही बुरा हाल ही रहना था तो उसे वोट किस लिए दिए थे। महिलाओं का कहना था कि रेणुका यह कहकर पल्ला झाड़ लेती हैं कि वह समस्याओं को लेकर चिट्ठी लिखती रहती हैं, जबकि विधायक को अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए।

वहीं देर शाम रेणुका के प्रवक्ता संजय गौतम ने एक बयान जारी कर कहा कि इस हादसे के लिए पब्लिक हेल्थ के अधिकारी जिम्मेदार हैं। उ

न्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। वहीं वार्ड नंबर 10 के पूर्व पार्षद गोबिंद सिंगला और अन्य ने भी मांग की है कि लापरवाह पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

परिजनों ने नहीं दी शिकायत
सिटी थाना प्रभारी कृष्ण लाल का कहना है कि मृतक के परिजनों द्वारा कोई शिकायत नहीं दिए जाने पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। अगर शिकायत दी गई होती तो पुलिस मुकदमा दर्ज कर सकती थी।
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