विजिलेंस टीम ने बुधवार को नगर सुधार मंडल के दफ्तर में एक दुकान का नक्शा पास करने की एवज में 15 हजार की रिश्वत लेते चपरासी विनोद कुमार को रंगे हाथ पकड़ लिया। छापा पड़ने पर जेई संदीप कुमार फरार हो गया। विजिलेंस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव बुगाना के जोगेंद्र सिंह की ऑटो मार्केट फेज-3 में दुकान है। वह दुकान का निर्माण कराना चाह रहे हैं और नक्शा पास कराने के लिए नगर सुधार मंडल में आवेदन कर रखा है। जेई संदीप कुमार से वह कई बार मिल चुके हैं, उनके डेढ़ महीने से चक्कर कटाए जा रहे थे। वहां का चपरासी विनोद कुमार जेई के कहने पर उनसे 15 हजार की रिश्वत मांग रहा था।
जोगेंद्र ने परेशान होकर विजिलेंस दफ्तर में इसकी शिकायत दे दी। विजिलेंस ने प्रशासन से अनुमति लेकर छापामार टीम का गठन किया और रेड मारने नगर सुधार मंडल कार्यालय में कर्मी पहुंच गए। वहां तय योजना के अनुसार जोगेंद्र ने जैसे ही विनोद को रुपये देकर इशारा किया तो विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया और उसकी जेब से 1000 रुपये के 15 नोट बरामद किए। जेई संदीप फरार हो गया। विजिलेंस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।