अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने धोखाधड़ी, जालसाजी और रिश्वत लेने के जुर्म में आबकारी एवं कराधान विभाग के इंस्पेक्टर सेक्टर-16 निवासी जसवंत बांगा को 5 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर दोषी को नौ महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जब केस दर्ज हुआ, तब बांगा असिस्टेंट पद पर कार्यरत था। फिलहाल वह हिसार से बाहर तैनात था।
विजिलेंस ने इस संबंध में 25 मई 2011 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव राखी के माया राम ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उसने प्राइवेट बस के टैक्स बारे एनओसी लेनी है।
असिस्टेंट जसवंत बांगा एनओसी देने की एवज में 5000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। विजिलेंस टीम ने डीसी से अनुमति लेने के बाद विभाग के लघु सचिवालय स्थित ऑफिस में रेड मार दी थी। विजिलेंस की टीम ने असिस्टेंट को 500 रुपये के 10 नोट लेते पकड़ लिया था। विजिलेंस ने इस संबंध में जसवंत बांगा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
सहकर्मियों की मदद से छूटकर फरार हो गया था आरोपी
विजिलेंस के अनुसार टीम ने जैसे ही बांगा को रिश्वत लेते हुए पकड़ा तो कराधान विभाग के कुछ कर्मचारी वहां इकट्ठे हो गए थे। कर्मियों की विजिलेंस टीम के साथ नोक-झोक हुई थी। बांगा के कुछ सहकर्मियों ने विजिलेंस टीम की ड्यूटी में बाधा पहुंचाई थी, जिसका फायदा उठाकर वह मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार किया था।