अग्रोहा थाने के अंतर्गत कुलेरी गांव में बीपीएल परिवारों के राशन में धांधली को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि डिपोधारक का पति शनिवार रात बैलगाड़ी में राशन के 13 बैग गेहूं ले जा रहा था, जहां उन्होंने उसे रास्ते में पकड़ लिया और बैलगाड़ी की हवा निकाल दी।
उन्होंने मामले की सूचना पुलिस और विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के कारण दोपहर तक खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। इस पर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रणधीर सिंह, उपनिरीक्षक अनुराग, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया और राशन, कागजात कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीपीएल परिवारों के लिए जो राशन आता है, डिपो धारक सुमित देवी कभी भी पूरा नहीं वितरित करती। बीपीएल कार्ड धारकों ने इसकी शिकायत कई बार विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आई और लगातार धांधली करती रही।
यहां तक कि डिपो धारक का पति राशन को व्यापारियों को बेच देता है। ग्रामीणों ने खुद की एक टीम बनाकर शनिवार रात को डिपोधारक को बैलगाड़ी में राशन के 13 बैग गेहूं ले जाते समय रंगे हाथ पकड़ लिया और बैलगाड़ी कब्जे में ले ली, जिसकी सूचना पुलिस और विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन छुट्टी होने के कारण दोपहर तक भी विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
बाद में खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रणधीर सिंह, उपनिरीक्षक अनुराग, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया। ग्रामीणों ने व्यापारी के गोदाम से भी एक टाटा गाड़ी से गेहूं के बैग बरामद किए हैं।
गेहूं बेचने के आरोप निराधार : डिपो होल्डर
डिपो होल्डर सुमित देवी का कहना है कि हर महीने राशन वितरित किया जाता है। बैलगाड़ी में गेहूं बेचने की रही बात, उसका पति अपने घर का गेहूं व्यापारी को बेचने जा रहा था। रात को कुछ शरारती तत्वों ने बैलगाड़ी की हवा निकाली दी और उसके पति पर बीपीएल परिवारों का गेहूं बेचने का झूठा आरोप लगाया है। मामला सरपंच की चुनावी रंजिश को लेकर किया जा रहा है। विभाग मामले की जांच कर रहा है।
राशन और कागजात कब्जे, जांच शुरू : निरीक्षक
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रणधीर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिली थी तो विभाग ने बीपीएल परिवार के राशन और संबधित कागजों को कब्जे में ले लिया है। मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जो गेहूं बैलगाड़ी और व्यापारी के गोदाम से मिला है, वह सरकारी बैगों में नहीं है। प्लास्टिक के कट्टों में भरा हुआ है। स्टॉक मिलाने के बाद ही सही जांच हो पाएगी।