स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पटेल नगर स्थित एक निजी नर्सिंग होम पर छापा मारकर गर्भपात करने वाले सेंटर का भंडाफोड़ किया है।
टीम को मौके से गर्भपात करने के लिए यूज किए जाने वाले इंजेक्शन मिले हैं। नर्सिंग होम में ऐसे ग्राहकों को अटैंड कर आगे एक अन्य अस्पताल में भेजने का काम भी किया जाता है। मामले की शिकायत पिछले काफी दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिल रही थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गर्भपात करने वाले इंजेक्शन और कुछ उपकरण कब्जे में ले लिए। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है।
यूं किया ऑपरेशन
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीम को काफी दिनों से पटेल नगर स्थित एक नर्सिंग होम के बारे में गर्भपात किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। टीम ने हांसी की शीला उर्फ शीलू को फर्जी ग्राहक बनाया। शीलू ढाई महीने की गर्भवती है।
उसकी सहयोगी एक आशा नाम की महिला को बनाया गया, जिसने डॉक्टर के सामने खुद को शीलू की सहेली बताया। टीम ने दोनों को नर्सिंग होम में भेजा। डॉक्टर ने उसे 4000 हजार रुपये में ये काम करने की बात कही और कहा कि पहले अल्ट्रासाउंड करवाओ।
शहर के ऋषि नगर एरिया में एक नामी अल्ट्रासाउंड से शीलू ने अल्ट्रासाउंड करवाया और वापस अस्पताल आ गई। डॉक्टर ने कहा कि यहां से इंजेक्शन लगाकर आपको दूसरे अस्पताल भेजा जाएगा। दोनों में इंजेक्शन लगाने के बाद ही रुपये देने की बात तय हुई।
जब डॉक्टर इंजेक्शन लगाने की तैयारी कर रही थी तो शीलू ने टीम को संदेश भेज दिया। मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. जिया गोयल, ड्रग कंट्रोलर डॉ. रमन श्योराण और स्टाफ सदस्य दयानंद तुरंत मौके पर पहुंच गए और इंजेक्शन और अन्य सामान बरामद किया। डॉक्टर से स्टॉक रिकॉर्ड मांगा गया, लेकिन अस्पताल के डॉक्टर कोई रिकॉर्ड मौके पर दिखा नहीं पाए।
यह मिली गर्भपात की दवा
कैबोप्रोस्ट की 4 शीशी (वन एमएल), एक स्ट्रीप, ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की -5 शीशी (वन एमएल), मिथारमेड भी बरामद हुआ।