अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला (हिसार)। शहर के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में रखी गेहूं की बोरियों पर पानी डाले जाने की बात सामने आई है। शहर की बंसल ट्रेडिंग कंपनी के मालिक ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारी गेहूं पर पानी डालकर उसका वजन बढ़ा रहे थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। देर शाम एसडीएम पृथ्वी सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे ओर गोदाम में रखी गेहूं की जांच करवाई।
एसडीएम के साथ आई टीम ने संबंधित गोदाम में रखी गेहूं के सैंपल लिए। बाद में जांच में सामने आया कि गेहूं में जो नमी पाई गई, वह मापदंड के अनुसार अधिक नहीं है। मामले के संबंध में बंसल ट्रेडिंग कंपनी के मालिक प्रवीन बंसल ने बताया कि उनकी फर्म ने 4 अक्तूबर को एफसीआई के माध्यम से ऑनलाइन तीन हजार क्विंटल गेहूं खरीदी थी। पांच अक्तूबर को उन्होंने एफसीआई अधिकारियों की अनुमति से डीएफएससी के गोदाम से 780 बैग गेहूं के उठा लिए। शनिवार को उन्होंने दोबारा से गेहूं का उठान करवाना था। प्रवीन बंसल ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि जिस गोदाम से उनकी गेहूं का उठान होना है, उस गेहूं पर विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों से पानी डलवाकर उसका वजन बढ़वा दिया है। प्रवीन बंसल के अनुसार उन्होंने कहा कि वे गोदाम के अंदर रखी गेहूं का स्टॉक जांचना चाहते हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसके लिए उन्हें इजाजत नहीं दी। इसी बीच फर्म मालिकों ने गोदाम का दरवाजा खोला तो वह खुल गया। इस दौरान सामने आया कि गेहूं की बोरियां भीगी हुई थीं। इस बारे में अधिकारियों ने उन्हें बताया कि गोदाम में रखी गेहूं में कीड़े आदि हो गए थे, जिसको लेकर दवाई का स्प्रे किया गया है। दोनों पक्षों में बहस हुई तो मामला बढ़ गया और इस बीच पुलिस को भी सूचना दे दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस व संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
फर्म का मालिक छुट्टी के दिन गेहूं का उठान करवाना चाहता था। उन्हें मना कर दिया तो यह बखेड़ा खड़ा कर दिया।
- विनीत जैन, एएफएसओ
चार सदस्यीय टीम ने गोदाम से गेहूं के सैंपल लिए थे। इन सैंपलों की जांच करने पर पाया गया कि सरकार ने गेहूं की नमी के लिए जो मापदंड बनाए हैं, उसके अनुसार गेहूं की नमी अधिक नहीं है।
-पृथ्वी सिंह, एसडीएम, बरवाला।