हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की मनमानी का एक और कारनामा सामने आया है। एक चिकित्सक द्वारा शव का पोस्टमार्टम नहीं करने से खफा मृतक के परिजनों ने बुधवार सुबह सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया का कार्यालय को घेरकर काफी देर तक प्रदर्शन किया। मृतक के परिजन व उनके साथ आए लोग चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। सिविल सर्जन से मुलाकात के बाद ही परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और वह शव उठाने को तैयार हुए। परिजनों को सिविल सर्जन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। गांव भाटला निवासी पवन कुमार ने आरोप लगाया कि गत दिवस उसका भानजा अमीर खान गांव में आया हुआ था। जब वह छत पर चढ़ा तो वहां से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की तार के संपर्क में आने से बुरी तरह झुलस गया। पहले उसे हांसी लेकर गए, लेकिन वहां से डॉक्टरों ने उसे हिसार रेफर कर दिया। दोपहर को अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया। यहां पर शव को शवगृह में रखवा दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के लिए कागजात तैयार कर लिए। उसके बाद पोस्टमार्टम ड्यूटी कर रहे डॉ. कर्मबीर को पोस्टमार्टम करने के लिए कहा। मगर उन्होंने कहा कि मेरी छह बजे तक ड्यूटी है, पोस्टमार्टम करने के बाद ही घर जाऊंगा। बार-बार कहने के बावजूद भी डॉक्टर पोस्टमार्टम करने नहीं आया।
विधायक और सिविल सर्जन की बात भी नहीं सुनी
परिजनों ने बताया कि बार-बार कहने पर भी जब डॉक्टर पोस्टमार्टम करने नहीं आया तो उन्होंने पहले सिविल सर्जन, फिर पीएमओ और बाद में विधायक डॉ. कमल गुप्ता से भी फोन करवा दिया। मगर डॉक्टर ने किसी की भी एक नहीं सुनी और बिना पोस्टमार्टम किए ही घर चला गया। इससे नाराज परिजन बुधवार सुबह सिविल कार्यालय को घेरकर प्रदर्शन करने लगे।
डॉ.कर्मबीर के खिलाफ शव का पोस्टमार्टम नहीं करने का मृतक के परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया है। मैंने जांच के लिए पीएमओ को पत्र लिख दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई करेंगे।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।