अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
कार की स्पीड इतनी थी कि फ्लाईओवर की दीवार से टकराने के बाद करीब 15 मीटर चौड़ी सड़क को पार करते हुए कार डिवाइडर भी पार कर गई। कार की स्पीड फिर भी कम नहीं हुई। रोडवेज की बस के अगले हिस्से में टकराने के बाद कार से निकलकर एक शव करीब 50 फीट दूर जाकर गिरा। एक मृतक की खोपड़ी व गर्दन का कुुछ हिस्सा हवा में उड़ते हुए फ्लाईओवर पर बिखर गए।
ऐसा हादसा जिंदगी में मैंने नहीं देखा : रोडवेज बस ड्राइवर
हादसे के करीब एक घंटे बाद भी रोडवेज बस चालक जगान निवासी रमेश कुमार के चेहरे पर हादसे का खौफ साफ देखा जा सकता था। रमेश ने बताया कि मैंने अपनी जिंदगी में ऐसा हादसा कभी नहीं देखा। अगर मेरी बस की स्पीड कुछ अधिक होती तो बस की सवारियों की जान बचाना मुश्किल हो जाता। पता नहीं कैसे मैंने राम का नाम लेकर ब्रेक लगा दिए जिसमेें मेरे घुटने और हाथ पर भी चोटें आई हैं। कार टकराते देख सवारियां भी बुरी तरह से घबरा गई। महिलाएं व बच्चे रोने लगे। कार से एक भी शव ठीक हालत में नहीं बचा। किसी की गर्दन कट गई किसी की खोपड़ी निकलकर रोड पर पड़ी दिखी। फतेहाबाद निवासी परिचालक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। दो शव कार में फंसे थे। दो कार से नीचे सड़क पर गिर गए। एक की खोपड़ी के टुकड़े-टुकड़े होकर आसपास बिखर गए। पांचवें आदमी का शव पुल से नीचे करीब 50 फुट दूर जाकर जमीन पर गिरा।
रोशन लाल कार से उतर गया और रघुवीर हो गया सवार
फतेहाबाद के काठमंडी के रघुबीर सिंह पहले कार में सवार नहीं थे। कार में उनके बड़े भाई ओमप्रकाश जांगड़ा, भतीजे प्रवीण, राधेश्याम और पड़ोसी रोशन लाल व चालक विकास सवार थे। विकास कार चलाने ही वाला था। इसी दौरान वहां आए रघुबीर सिंह ने पड़ोसी रोशन लाल से कहा कि भाई ओमप्रकाश के साथ मैं जाना चाहता हूं। यह सुनकर रोशन लाल कार से उतर गया और उसकी जगह रघुबीर सवार हो गया।
दो भाई व पिता गंवाने वाले रवि के नहीं थमे आंसू
हादसे में जान गंवाने वाले कार चालक विकास के बड़े भाई विक्रम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज परिसर में मोर्चरी के बाहर परिजनों और लोगों का तांता लगा रहा। अपने दो भाई व पिता खो चुके ओमप्रकाश के तीसरे बेटे रवि को लोग बार-बार संभाल रहे थे।
........................
दोस्त हिसार पहुंचे तो मिली हादसे की सूचना
मृतक प्रवीण के दोस्त कश्मीरी लाल सैनी और कुलदीप सैनी फतेहाबाद के अस्पताल से कार में हिसार के लिए चले थे। वे विकास की कार से कुछ पीछे थे। प्रवीण ने उनको बताया था कि पिता जी को हिसार के अस्पताल में ले जा रहे हैं। कश्मीरी व कुलदीप उनसे आगे निकलकर हिसार में पहुंच गए। वे विकास की कार का इंतजार करने लगे। लेकिन उनके पास फोन के जरिये उन पांचों की मौत की सूचना पहुंची।
नौ दिन पहले खरीदी थी कार
फतेहाबाद की काठमंडी निवासी कारपेंटर वेदप्रकाश सुथार ने बताया कि उनका बेटा विकास कुमार अविवाहित था और वह बीघड़ रोड पर शिव शक्ति टिंबर स्टोर चलाता था। वह दो बेटों व एक बेटी में सबसे छोटा था। उन्होंने बताया कि विकास ने 12 मार्च को ही फतेहाबाद से होंडा सिटी कार खरीदी थी। यह वही कार है, जो हादसे का कारण बनी।
उपचार के लिए जा रही थी घायल होकर लौटी
नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन पुष्पा देवी ने बताया कि वह अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए सुबह हिसार से अग्रोहा के लिए बस में सवार होकर जा रही थी। हमें कुछ नहीं दिखा, अचानक बस के ब्रेक लगने से सिर आगे की सीट पर जा लगा। हादसे में शांति नगर निवासी पुष्पा देवी, अनिल मिश्रा, बहलपुर निवासी शिशपाल, जवाहर नगर निवासी रामकुमार, शिव नगर निवासी विघा देवी तथा उसका पति नानक चंद्र आदि घायल हुए हैं।