अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। एडवरटाइजिंग एजेंसी से 70 हजार की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार तीनों अधिकारियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने गिरफ्तार तीनों आरोपी सुपरिंटेंडेंट गणपत चौहान, इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम व पीआर मीणा को शनिवार को न्यायिक हिरासत मेें भेजने के आदेश दिए। तीनों आरोपियों को सीबीआई के डीएसपी जगदीश चंद्र व उनकी टीम शनिवार अल सुबह करीब तीन बजे गिरफ्तार कर ले गई थी। उन्हें शुक्रवार देर रात एक बजे के बाद 70 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
यह था मामला
जाट कॉलेज के पास डायरेक्ट टच एडवरटाइजिंग एजेंसी चलाने वाले महावीर गोदारा ने सीबीआई को सेंट्रल जीएसटी अधिकारियों द्वारा उससे दो लाख रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में बताया कि वह 2013 से 2016 तक सर्विस टैक्स नहीं भर पाया था। टैक्स पेनल्टी व ब्याज आदि मिलाकर यह राशि छह लाख से ऊपर हो गई। इसके बाद उनके पास जीएसटी दफ्तर से नोटिस आया। जब वह नोटिस का जवाब देने के लिए दफ्तर में गए तो अधिकारियों ने उनसे कहा कि वह टैक्स पर पेनल्टी भी लगा सकते हैं। इस पर महावीर गोदारा ने मामला सेटल करने के लिए कहा। इस पर अधिकारियों ने दो लाख रुपये रिश्वत की मांग की। इसके बाद महावीर गोदारा ने सीबीआई को शिकायत दे दी।
दूसरे की फैक्टरी में पकड़े गए रिश्वत लेतेे हुए
जीएसटी के तीनों अधिकारी देर रात 12 बजे इंडस्ट्रियल एरिया में अशोक मंगालीवाला के भाई सतपाल गोयल की फैक्टरी में ऑडिट के लिए गए हुए थे। तीनों आरोपियों ने महावीर गोदारा से रिश्वत के पैसे लेने के लिए वहीं पर बुला लिया। सीबीआई ने तीनों आरोपियों को वहीं पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। सीबीआई टीम तीन बजे आरोपियों को साथ लेकर पंचकूला के लिए रवाना हो गई थी।
सीबीआई को सीजीएसटी के अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने का शिकायत मिली थी। सीबीआई टीम ने तीन आरोपियों को 70 हजार की नकदी के साथ मौके से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार सुबह तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
-जगदीश चंद्र, डीएसपी, सीबीआई