अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। राजकीय पशुधन फार्म द्वारा निकाले गए सरकारी टेंडरों में धोखाधड़ी करने के दो आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों बीड़ बबरान निवासी कश्मीरी सिंह और ठसका निवासी नरसिंह को सोमवार को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
राजकीय पशुधन फार्म के मुख्य अधीक्षक एसके बगोरिया द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में कहा गया कि बीड़ बबरान निवासी कश्मीरी सिंह और ठसका निवासी नरसिंह ने धोखाधड़ी करके सरकारी टेंडर हासिल किए। आरोपी कश्मीरी सिंह ने टेंडर की शर्तों के अनुसार 6 अप्रैल 2018 को वर्ष 2018-19 के लिए तीन ट्रैक्ट्ररों की आरसी जमा करवाई, जिसमें एक आरसी ट्रैक्ट्रर नंबर एचआर20एडी-1370 फर्जी पाई गई। इस बारे में एक शिकायत हिसार के सेक्टर-16 निवासी मुकेश द्वारा सीएम विंडो में दी गई। टेंडर में दूसरा आरोपी अग्रोहा के ठसका निवासी नरसिंह द्वारा भी जो अनुभव प्रमाण पत्र आनॅलाइन अपलोड किया गया, वह फर्जी पाया गया। शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने इस मुद्दे को 27 नवंबर 2018 के माय सिटी अंक में प्रमुखता से उठाया था। ‘हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड में फर्जी फर्मों को दिए लाखों रुपये के दो टेंडर’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार में स्पष्ट बताया गया था कि जमीन जोतने के टेंडर में भी फर्जीवाड़ा हुआ है। सोमवार को इसी मामले में दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
20 अगस्त 2018 को दी थी सीएम विंडो में शिकायत
इस मामले में हिसार के सेक्टर-16 निवासी मुकेश ने सीएम विंडो में शिकायत दी थी कि पशुधन विकास बोर्ड में जारी हुए टेंडर जिनको जारी किए गए हैं, उन्होंने फर्जी कागजात लगाकर टेंडर हासिल किए हैं। मुकेश ने बताया कि उसने सीएम विंडो पर शिकायत लगाई, जिसके बाद सीएम विंडो के अधिकारियों के निर्देशों के बाद बोर्ड के मुख्य अधीक्षक एसके बगोरिया ने पुलिस में दोनों ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया कि इस मामले में टेंडर खोलने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि टेंडर के लिए कागजात चेक करने की जिम्मेदारी उनकी होती है।