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हांसी-11

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अमर उजाला ब्यूरो
हांसी। हांसी नगर परिषद कार्यालय में पिछले काफी समय से कर्मचारियों द्वारा घोटाला किया जा रहा है। लोगों से पैसे लेकर बोगस बर्थ सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं व भवनों की असेसमेंट चढ़ाई जा रही है। इस बात का खुलासा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश चौहान ने किया है।
हांसी नपा कार्यालय में नियुक्त हुए कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश चौहान ने 20 दिनों में ही दो घोटाले पकड़ लिए हैं। पहला घोटाला नगर परिषद कार्यालय में भवन की असेसमेंट चढ़ाने से संबंधित है तो दूसरे मामले में बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर फर्जीवाड़ा सामने आया है। कमाल की बात तो यह है कि हांसी नगर परिषद कार्यालय में पिछले काफी समय से सचिव का पद खाली पड़ा है। जबकि भवन की असेसमेंट पर किसी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी द्वारा सचिव की मोहर लगा कर साइन किए जा रहे हैं।
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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश चौहान ने बताया कि कोई व्यक्ति उनके पास असेसमेंट के कागज लेकर आया था, उसमें तीन पेज थे। तीनों पेज पर सचिव की मोहर लगी हुई थी व उनके हस्ताक्षर किए गए थे। इस बारे में जब पता करा तो पाया कि किसी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने यहां पर हस्ताक्षर किए हैं। ईओ ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने पुलिस में शिकायत देते हुए लिखा है कि नपा कार्यालय में भवन की असेसमेंट चढ़ाने के मामले में सचिव की मोहर व हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि यहां पर कोई सचिव नहीं है। हांसी नगर परिषद कार्यालय में सचिव का पद ही खाली पड़ा है। शिकायत में कहा गया है कि सचिव की मोहर लगाने वाले व हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस इस मामले में पता लगाए कि असेसमेंट पर सचिव की मोहर व हस्ताक्षर लगाने वाले कर्मी ने पैसे लेकर यह काम किया है या किसकी एवज में यह फर्जीवाड़ा किया है।
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वहीं दूसरे मामले को लेकर ईओ ने बताया कि पुलिस में एक एएसआई उनके पास बर्थ सर्टिफिकेट के वेरिफिकेशन को लेकर आया था। जब इसकी वेरिफिकेशन की गई तो पता चला कि जो रजिस्ट्रेशन नंबर है, वह नगर परिषद के रजिस्टर में किसी ओर नाम से है। यह सर्टिफिकेट बोगस है। जबकि बर्थ सर्टिफिकेट पर हांसी नगर परिषद की मोहर लगी हुई है। पुलिस को शिकायत देते हुए उन्होंने कहा है कि आरोपी व्यक्ति का पता लगाया जाए कि किस व्यक्ति ने उक्त डॉक्यूमेंट पर मोहर लगा कर फ्राड किया है।
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