अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जिले के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं से ठगी हो रही है। इस ठगी में सरकारी पंप भी पीछे नहीं हैं। हरियाणा एग्रो के सरकारी पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं से एक लीटर पर 67 पैसे की लूट हो रही थी। जिला खाद्य आपूर्ति - माप तोल विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण में इस लूट का खुलासा किया। पांच लीटर में यहां 40 और 50 एमएल पेट्रोल कम डाला जा रहा था। टीम ने जिले में चार पंपों पर छापेमारी के बाद सरकारी पंप सहित दो पंपों की तीन मशीनों को सील कर दिया।
बुधवार को जिला खाद्य आपूर्ति-माप तोल विभाग की टीम ने संयुक्त छापेमारी की। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सुभाष सिहाग, माप तोल विभाग के इंस्पेक्टर जयपाल सिंह, इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर मनजीत, इंस्पेक्टर संदीप की टीम ने बुधवार सुबह करीब 8 बजे मुकलान गांव के पास स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर औचक निरीक्षण किया। इसमें पांच लीटर के माप के जरिये पेट्रोल और डीजल नोजल मशीनों को जांचा गया। यहां चार मशीनों में किसी में भी गड़बड़ी नहीं मिली। टीम ने इसके बाद करीब 11 बजे फव्वारा चौक के पास स्थित खालसा पेट्रोल पंप पर छापा मारा। इस पंप पर दो डीजल-दो पेट्रोल की कुल चार नोजल मशीनें लगी हैं। यहां पेट्रोल की एक नोजल में पांच लीटर पेट्रोल में 30 मिलीलीटर कम पाया गया। विभाग की टीम ने मौके पर कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मशीन को सील कर दिया। टीम ने मशीन की यूनिट को रिकॉर्ड कर लिया है। कैंट के सामने स्थित राजीव फिलिंग स्टेशन पर 10 पेट्रोल मशीन और चार डीजल मशीन सहित 14 मशीनों को जांचा। यहां किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। जांच टीम ने इसके बाद सेक्टर-14 अनाज मंडी के सामने हरियाणा एग्रो के सरकारी पेट्रोल पंप को जांचा। यहां कुल आठ मशीनें हैं। इनमें चार मशीन डीजल और चार मशीन पेट्रोल की हैं। यहां एक नोजल पर 50 एमएल और दूसरी नोजल पर 40 एमएल का माप कम पाया गया। इन दोनों पंप मशीनों को सील कर दिया गया।
अब असिस्टेंट कंट्रोलर करेंगे फैसला
सील की गई तीन पंप मशीनों का केस अब मापतोल विभाग के असिस्टेंट कंट्रोलर को भेजा जाएगा। जहां सील पंप संचालकों को पक्ष रखने के लिए सुना जाएगा। इसके बाद असिस्टेंट कंट्रोलर की अदालत फैसला सुनाएगी। इसमें कम से कम पांच हजार रुपये का जुर्माना है।
जानिए नियम
पंप संचालक को रोजाना सुबह पेट्रोल-डीजल बिक्री से पहले पांच लीटर के जार माप के जरिये सभी नोजल पंप मशीन को जांचना जरूरी होता है। ऐसा किए बिना मशीन को शुरू नहीं किया जा सकता। जांच करने के बाद इसे रजिस्टर में भी दर्ज करना होता है।
ऐसे समझें लूट के गणित को
-पेट्रोल के रेट 67 रुपये लीटर
-पांच लीटर पर 50 एमएल कम
-एक लीटर पर 10 एमएल कम
- एक लीटर पर 67 पैसे की लूट
सरकारी पंप पर हर महीने एक लाख की हो रही थी लूट
जानकारी के मुताबिक सरकारी पंप पर पांच हजार लीटर तेल की बिक्री होती है। सरकारी पंप होने का भरोसा होने के कारण लोग यहां पेट्रोल लेने को प्राथमिकता देते हैं। यहां उपभोक्ताओं से रोजाना 3350 रुपये और एक माह में करीब एक लाख की लूट हो रही थी। जिले में 110 पेट्रोल पंप हैं।
हर महीने होनी चाहिए औचक जांच
सरकारी पेट्रोल पंप पर लूट हो रही है तो निजी का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद लंबे अरसे के बाद यह जांच हुई है। पेट्रोल पंपों की हर महीने औचक जांच होनी चाहिए।
- विभाग की कार्रवाई में फव्वारा चौक स्थित खालसा पंप की भी एक मशीन शामिल
- चार पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण, 30 मशीनों में से तीन में मिलीं खामियां