सिवानी मंडी। शिमला में शहर की एक छात्रा के साथ चलती कार में हुए दुष्कर्म की वारदात के बाद पीड़िता व उसके परिजनों से मिलने के लिए हरियाणा महिला आयोग की एक टीम शनिवार को वहां पहुंची। आयोग की टीम ने एक घंटा 35 मिनट तक परिजनों व पीड़िता से बंद कमरे में मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी हासिल की। पीड़िता व उसके परिजनों को हरियाणा महिला आयोग की तरफ से पूरा न्याय व जरूरत के हिसाब से सुरक्षा देने का पूरा भरोसा दिलाया गया। यहां आई आयोग की सदस्य इंदू यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि इसे लेकर वे हरियाणा और हिमाचल के मुख्यमंत्रियों से बात कर पीड़ित परिवार को उनसे मिलने का समय दिलवाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने माना कि हिमाचल पुलिस सक्रियता से जांच को सही दिशा में नहीं बढ़ा पाई और इसके पीछे वजह वहां लोकसभा चुनाव भी हो सकती है।
गौरतलब है कि शहर की छात्रा नीट की पढ़ाई करने के लिए शिमला गई हुई थी। वह अपने छोटे भाई के साथ शिमला में ही किराये का कमरा लेकर वहां रह रही थी। इस दौरान बाजार में वह किसी काम से गई तो तीन कार सवारों नेे उसका अपहरण कर लिया और चलती कार में उसके साथ एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने दुष्कर्म भी किया। हरियाणा महिला आयोग की टीम ने पीड़िता समेत पूरे परिवार के साथ एक बंद कमरे में पूछताछ की और उनके बयान भी दर्ज किए। टीम के साथ आईं आयोग की सदस्य रितू यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि परिजनों से पूछताछ से लग रहा है कि जांच सही ढंग से नहीं हो पाई। उन्होंने परिजनों की सीबीआई व सीटिंग जज से जांच करवाने का समर्थन करते हुए कहा कि वास्तव में सीबीआई जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस जांच को आयोग की तरफ से हरियाणा के साथ हिमाचल सरकार और हिमाचल महिला आयोग को लिखा जाएगा कि जांच को गंभीरता से लेकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
सुरक्षा मिलने पर ही पेपर दिलवाने जाएंगे शिमला
महिला आयोग की टीम दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर पीड़िता के घर पहुंची तो उसके पिता उनके सामने फफक कर रो पड़े और न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता के पिता ने कहा कि वे चाहते हैं कि दोषी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा मिले। उन्होंने टीम को बताया कि 25 मई को उसकी बेटी का शिमला में पेपर है और वह पूरी सुरक्षा मिलने के बाद ही पेपर दिलवाने के लिए शिमला जाएगा। इस पर आयोग की टीम ने पीड़िता के पिता की पुलिस के आला अधिकारियों से फोन पर बातचीत करवाई और उन्हें पूरी सुरक्षा दिलवाने का भरोसा दिलवाया।