अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सिटी थाना पुलिस में फ्यूचर मेकर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को सिटी थाना पुलिस की तरफ से इस मामले में तहसीलदार को पत्र भेजा गया है। इस पत्र के जरिये पुलिस की ओर से फ्यूचर मेकर के संचालकों और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति की जानकारी मांगी गई है। पुलिस यह जानना चाह रही है कि कंपनी शुरू करने के बाद सीएमडी राधेश्याम व एमडी बंसीलाल सिहाग ने कितनी प्रॉपर्टी बनाई है। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस केस के साथ संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
जमीन, फ्लैट से लेकर घर खरीदने तक की लेंगे जानकारी
पुलिस यह मानकर चल रही है कि कंपनी के मालिकों व उनके रिश्तेदारों ने हजारों करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति जुटाई है। इन पैसों से जमीन, फ्लैट और घर खरीदे गए हैं। गांव सीसवाल स्थित अपने घर पर भी सीएमडी राधेश्याम ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। बताया जा रहा है कि उस घर में लग्जरी टूंटियां लगाई गई हैं। घर को आलीशन रूप दिया गया है। इसी तरह बंसीलाल तथा राधेश्याम के नजदीकियों की चल व अचल संपत्ति के बारे में जानने का प्रयास किया जा रहा है।
बैंकों को भी खाते सीज करने के लिए किया गया नोटिस जारी
पुलिस ने सभी बैंकों को भी फ्यूचर मेकर कंपनी के बारे में नोटिस जारी किया है। पुलिस ने सभी बैंकों को नोटिस भेजकर उनकी ब्रांच में चल रहे फ्यूचर मेकर के खातों की जानकारी भी मांगी है। पुलिस ने फ्यूचर मेकर से जुड़े सभी बैंक खातों को फ्रिज करने का आदेश भी जारी कर दिया है। इससे पहले तेलंगाना पुलिस कंपनी के मुख्य पांच खातों को सीज करवा चुकी है।
200 प्रमोटर्स की धरपकड़ की तैयारी शुरू
कंपनी के संचालकों व उनके रिश्तेदारों के अलावा पुलिस ने बड़े प्रमोटर्स की धरपकड़ भी शुरू कर दी है। पुलिस ने ऐसे 200 प्रमोटर्स की लिस्ट तैयार की है, जिन पर कार्रवाई का डंडा चलेगा। इन प्रमोटर्स को पूछताछ में भी शामिल किया जाएगा। वहीं पुलिस फ्यूचर मेकर कंपनी के पुराने लोगों से भी जानकारी जुटाएगी। इनमें से कुछ लोग तो कंपनी के खिलाफ भी खड़े हो गए। इनके सहारे पुलिस कंपनी का असली चिट्ठा खोलेगी।
मामला अरबों का, जांच चौकी स्तर के अधिकारी से
फ्यूचर मेकर कंपनी का यह मामला अरबों रुपये का है लेकिन हिसार पुलिस इस मामले के प्रति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा जांच करने वाले अधिकारियों की तैनाती से ही लगाया जा सकता है। एक तरफ जहां फतेहाबाद के एसपी ने ऐसे ही अन्य मामले में एसआईटी का गठन कर दिया है, वहीं हिसार के एसपी ने सिर्फ डोगरान मोहल्ला चौकी के एएसआई नरेश कुमार को आईओ बनाकर जांच का जिम्मा सौंप दिया है। कुल मिलाकर इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद भी हिसार पुलिस ठोस कदम उठाने से अभी तक बच रही है।
हमारी तरफ से अभी तक इस मामले में कोई एसआईटी का गठन नहीं किया गया है। डोगरान चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है। अगर फतेहाबाद में एसआईटी बनी है, तो उसके बारे में वही बता सकते हैं। चार साल से कंपनी चल रही थी, इसलिए एकदम से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। कोई कस्टमर भी शिकायतकर्ता बनकर पुलिस के पास नहीं आया है।
- शिवचरण, पुलिस अधीक्षक, हिसार।