अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। राजस्थान के सालासर स्थित संजीवनी अपार्टमेंट में फ्लैट देने के नाम पर एक डॉक्टर सहित शहर के तीन लोगों से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगे जाने वालों में बिश्नोई अस्पताल की संचालिका डॉ. ज्ञानवंती बिश्नोई भी शामिल है। ठगी के शिकार डॉ. ज्ञानवंती बिश्नोई, सेक्टर-14 निवासी विजेंद्र बैनीवाल और मिलगेट निवासी सतीश कुमार ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी को दी। इसके बाद दो लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
छठे फ्लोर पर फ्लैट देने की कही थी बात
पुलिस को दी शिकायत में डॉ. ज्ञानवंती बिश्नोई, विजेंद्र बैनीवाल व सतीश कुमार ने बताया कि 2015 में मेक-वे इंडिया कंपनी के संचालक दीपक शर्मा व सत्यवान शर्मा ने उनको सालासर मेें बनने वाले संजीवनी अपार्टमेंट में फ्लैट देने की बात कही थी। उनको बताया गया था कि 1400 रुपये गज में छठे फ्लोर पर फ्लैट मिल जाएगा। फ्लैट के लिए पहले बुकिंग करवानी पड़ेगी। इसके लिए 25 हजार रुपये आवेदन फीस है। आवेदन करने के बाद ड्रा निकाला जाएगा। जिनका ड्रा में नंबर आएगा, उनको सस्ते रेट पर फ्लैट दिए जाएंगे। फ्लैट की कीमत चार किस्तों में देनी पड़ेगी। आरोप है कि इन लोगों ने करीब दो महीने बाद ड्रा में फ्लैट निकलने की जानकारी दी और बताया कि जल्द ही अपार्टमेंट में फ्लैट का कब्जा दे दिया जाएगा। इसके बाद दोनों ने चार किस्तों के नाम पर उनसे 31 लाख रुपये ले लिए।
सालासर में मौका देखने पहुंचे, फिर हुआ खुलासा
जब भी इनसे फ्लैट का कब्जे दिलाने के बारे में पूछा जाता तो बिल्डिंग में काम चालू होने की बात बोलकर कुछ समय बाद फ्लैट देने की बात करते। जब कई बार उनके साथ ऐसा ही होता रहा तो उनको कुछ शक हुआ। इसके बाद सभी जांच के लिए सालासर गए तो देखा कि जिस संजीवनी अपार्टमेंट में उनको फ्लैट देने के नाम पर लाखों रुपये लिए गए हैं, वहां पर ऐसी कोई बिल्डिंग ही नहीं है। उनको जो बिल्डिंग बताई गई, वह छह मंजिल की भी नहीं है और उस बिल्डिंग का मालिक कौन है, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि यह बिल्डिंग पिछले कई सालों से आधी बनी पड़ी है। जब यह पता चला तो उनको अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। आरोप है कि जब दीपक व सत्यवान से पैसे वापस मांगे तो ठगी करने वाले दोनों लोगों ने उनको जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर सिटी थाना पुलिस ने दीपक शर्मा और सत्यवान शर्मा के खिलाफ धमकी देेने, फर्जी कागजात के आधार पर धोखाधड़ी करने व गलत इरादे से फ्रॉड करने का केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच की जा रही है। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-रामनिवास, जांच अधिकारी